पिपरिया पुलिस की बड़ी सफलता: अपहृत नाबालिग सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार

कवर्धा।कबीरधाम जिले की पिपरिया पुलिस ने नाबालिग अपहरण के एक गंभीर मामले का त्वरित खुलासा करते हुए अपहृत बालिका को सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) आशीष शुक्ला के दिशा-निर्देश में थाना प्रभारी पिपरिया निरीक्षक नितिन कुमार तिवारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को नाबालिग के परिजनों ने थाना पिपरिया में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना पिपरिया में अपराध क्रमांक 189/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर विश्लेषण एवं अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई, जिससे पता चला कि पीड़िता बिलासपुर जिले के थाना कोनी क्षेत्र के ग्राम पोसरा में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और आरोपी के कब्जे से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे विवाह का झांसा देकर बिलासपुर बुलाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के बयान एवं विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 87 एवं 64(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 जोड़ी गई।
पुलिस ने आरोपी विशाल धोबी (20 वर्ष), पिता चुन्नीलाल धोबी, निवासी ग्राम पोसरा, थाना कोनी, जिला बिलासपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नितिन कुमार तिवारी के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक मुकेश साहू, आरक्षक हेमंत शर्मा एवं महिला आरक्षक दीपाली की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कबीरधाम पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ऐसे मामलों में त्वरित, संवेदनशील और कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


