हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाना कांग्रेस की आदत : सीएम साय

बोले- जीतने पर ईवीएम सही, हारने पर उसी पर ठीकरा फोड़ती है कांग्रेस; जनता समझ चुकी है दोहरा रवैया
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर कांग्रेस के सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग पर आरोप लगाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब इसी ईवीएम से चुनाव जीतती है तो उसे कोई दिक्कत नजर नहीं आती, लेकिन हारने पर उसी ईवीएम को अपनी हार का जिम्मेदार बताने लगती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है। राजनीतिक दलों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए, न कि अपनी हार के लिए संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जनता कांग्रेस के इस दोहरे रवैये को अब समझ चुकी है।
मोदी के 25 साल को बताया सेवा और सुशासन की यात्रा
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से शुरू हुई यह यात्रा सेवा, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरक यात्रा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में 13 प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रायपुर में ‘सेवा ज्योति संकल्प यात्रा’ के साथ प्रदेश के 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित किए जाएंगे। रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी इसी रूप में विकसित करने की योजना है।
सिंगापुर दौरे में मिले ₹41,750 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने अपने 3 से 6 अक्टूबर तक के सिंगापुर प्रवास की जानकारी देते हुए बताया कि ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम-2026’ में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं उद्योग जगत के सामने रखी गईं।
उन्होंने बताया कि सिंगापुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ को बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें Energy Capital Global का 100 मेगावाट क्षमता का AI-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने का प्रस्ताव प्रमुख है। कंपनी इसके लिए प्रदेश में ₹41,750 करोड़ का निवेश करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के निवेश से छत्तीसगढ़ देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था और भविष्य की तकनीक के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है। इससे युवाओं के लिए आधुनिक तकनीक, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
डेढ़ साल में ₹8.23 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
सीएम साय ने कहा कि नई औद्योगिक विकास नीति लागू होने के बाद करीब डेढ़ वर्ष में छत्तीसगढ़ को ₹8.23 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और विभिन्न क्षेत्रों में एमओयू हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बदलना है। सेमीकंडक्टर प्लांट और एआई डेटा सेंटर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में काम शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें, स्थानीय उद्योगों और उद्यमियों को आगे बढ़ने का अवसर मिले तथा छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में मजबूत भूमिका निभाए—इसी दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।


