भटके मासूम को मिला नया परिवार, बाल कल्याण समिति की पहल से शुरू होगी नई जिंदगी

एक साल तक परिजनों की तलाश के बाद फॉस्टर केयर में मिला स्नेह और सुरक्षित आश्रय
रायपुर, 25 जुलाई 2026। बालोद रेलवे स्टेशन पर एक वर्ष पहले भटकता हुआ मिला नौ वर्षीय बालक अब नए परिवार के स्नेह और सुरक्षा के बीच अपने जीवन की नई शुरुआत करेगा। जिला प्रशासन बालोद और बाल कल्याण समिति की संवेदनशील पहल से मासूम को न केवल सुरक्षित आश्रय मिला, बल्कि उसका सफलतापूर्वक फॉस्टर केयर प्लेसमेंट भी कराया गया।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत बालक “समीर” (बदला हुआ नाम) का फॉस्टर केयर प्लेसमेंट बिलासपुर जिले के रतनपुर निवासी धीवर परिवार में कराया गया। अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा ने पुनर्वास आदेश सौंपते हुए बालक और उसके नए परिवार को शुभकामनाएं दीं।
एक वर्ष तक चली परिजनों की तलाश
जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले यह बालक बालोद रेलवे स्टेशन पर भटकता हुआ मिला था। रेलवे पुलिस ने उसका रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके बाद समिति ने राष्ट्रीय समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कराने सहित विभिन्न माध्यमों से उसके माता-पिता और परिजनों की तलाश की, लेकिन निर्धारित अवधि तक कोई भी सामने नहीं आया।
चार माह की खोज के बाद मिला परिवार
बालक के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए बाल कल्याण समिति ने उसके लिए इच्छुक परिवार की तलाश शुरू की। करीब चार माह के प्रयासों के बाद बिलासपुर जिले के रतनपुर निवासी धीवर परिवार ने फॉस्टर केयर के तहत उसे अपने परिवार का हिस्सा बनाने की सहमति दी। जिला बाल संरक्षण इकाई और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से सभी कानूनी एवं सामाजिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद समिति ने पुनर्वास आदेश जारी कर बालक को विधिवत परिवार को सौंप दिया।
इस अवसर पर बालक को उपहार भी भेंट किए गए, ताकि वह नए परिवार के साथ अपनत्व और आत्मीयता का अनुभव करते हुए अपने जीवन का नया अध्याय शुरू कर सके। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कृष्णा साहू सहित समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।

