शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सिल्हाटी में पांच दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण का समापन

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के तहत छात्राओं ने सीखी आत्मरक्षा की तकनीकें, मिला प्रशस्ति-पत्र

कवर्धा/सिल्हाटी, 24 जुलाई। कलेक्टर के निर्देश एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में संचालित ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिल्हाटी में आयोजित पांच दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हुआ। विकासखंड सहसपुर लोहारा अंतर्गत विद्यालय में 20 से 24 जुलाई 2026 तक आयोजित प्रशिक्षण में किशोरी बालिकाओं को आत्मरक्षा की व्यावहारिक एवं प्रभावी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर ने बालिकाओं को आपात परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने, त्वरित निर्णय लेने, मानसिक रूप से मजबूत रहने तथा आत्मविश्वास के साथ चुनौती का सामना करने के गुर सिखाए। प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना रहा।

प्रशिक्षुओं को दिए प्रशस्ति-पत्र
समापन समारोह में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली सभी बालिकाओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं प्रशिक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए मास्टर ट्रेनर दीपेश्वरी विश्वकर्मा को मोमेंटो एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सिल्हाटी के सरपंच अर्जुन साहू, एसएमडीसी सदस्य उषा देवांगन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी रीना ठाकुर सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
आत्मरक्षा के साथ आत्मनिर्भरता भी जरूरी
समारोह को संबोधित करते हुए सरपंच अर्जुन साहू ने कहा कि वर्तमान समय में बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के साथ आत्मविश्वासी एवं आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, साहस और आत्मविश्वास का संचार करते हैं तथा उन्हें विपरीत परिस्थितियों का मजबूती से सामना करने के लिए तैयार करते हैं।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की ली शपथ, किया पौधारोपण
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्राओं ने सामूहिक रूप से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की शपथ ली। इसके बाद विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। इस दौरान महिला सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों को हरित जीवनशैली एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधे भी भेंट किए गए।


