भोरमदेव पदयात्रा को मिलेगा भव्य स्वरूप, 3 अगस्त को 18 किमी की आस्था यात्रा

भोरमदेव पदयात्रा को मिलेगा भव्य स्वरूप, 3 अगस्त को 18 किमी की आस्था यात्रा
बूढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से भोरमदेव तक उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब, प्रशासन ने की व्यापक तैयारियां
कवर्धा। सावन मास के प्रथम सोमवार 3 अगस्त को आयोजित होने वाली ऐतिहासिक भोरमदेव पदयात्रा को इस वर्ष भव्य और व्यवस्थित स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। बूढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से भोरमदेव मंदिर तक निकलने वाली 18 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के शामिल होने की संभावना है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की मंशा और कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आमजन पदयात्रा को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हुए हैं।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा पर विशेष फोकस
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिला कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों, विभिन्न क्लब, संघ और समाज प्रमुखों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में पदयात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, शौचालय व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल तैयार करने पर चर्चा हुई।
प्रशासन ने बताया कि बूढ़ा महादेव मंदिर से भोरमदेव मंदिर तक अलग-अलग स्थानों पर कांवड़ियों और पदयात्रियों के लिए जलपान, शरबत, चाय-नाश्ता और विश्राम की व्यवस्था की जाएगी।
भोरमदेव से कवर्धा तक मिलेगी नि:शुल्क बस सुविधा
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि पदयात्रा समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोरमदेव से कवर्धा तक नि:शुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। पर्याप्त संख्या में बसों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी श्रद्धालु को वापस लौटने में परेशानी न हो।
पदयात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रहेगी प्रतिबंधित
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सुबह से दोपहर तक समनापुर से ग्राम चौरा मार्ग होते हुए भोरमदेव तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है।
वाहन चालकों के लिए कवर्धा से सरोधा रोड को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करने की व्यवस्था की जाएगी।
18 किलोमीटर के मार्ग पर जगह-जगह होगी सेवा व्यवस्था
भोरमदेव पदयात्रा में बढ़ते श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थाओं द्वारा मार्ग में सेवा शिविर लगाए जाएंगे। यहां पेयजल, नींबू शरबत, चाय और नाश्ते की व्यवस्था रहेगी।
सावन माह के प्रत्येक सोमवार को ज्वाइन हैंड्स ग्रुप द्वारा भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क भंडारा एवं प्रसादी वितरण भी किया जाएगा।
स्वास्थ्य शिविर और आपात सेवाएं रहेंगी तैनात
पदयात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। सीएमएचओ को चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मार्ग में आने वाले सभी स्वास्थ्य केंद्रों को श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अलर्ट रहने कहा गया है।
इसके अलावा समनापुर से भोरमदेव मार्ग पर सड़क के दोनों ओर शोल्डर सुधार कार्य भी कराया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन मिल सके।
धार्मिक झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र
पदयात्रा को सांस्कृतिक स्वरूप देने के लिए भगवान शिव, भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक संदेशों पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी। ये झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
रात्रिकालीन कांवड़ यात्रा को देखते हुए समनापुर से भोरमदेव मंदिर तक विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। पुलिस टीम को लगातार गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि भोरमदेव पदयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जिले की आस्था, संस्कृति और पर्यटन पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधाओं के साथ यात्रा का अनुभव मिले।

