G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhINDIARaipurखास-खबर

एग्रीस्टेक पंजीयन से बदली नारायणपुर के किसानों की तस्वीर

तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान, किसानों को समय पर मिला खाद-बीज

रायपुर, 12 जुलाई। छत्तीसगढ़ शासन की डिजिटल पहल ‘एग्रीस्टेक किसान पंजीयन’ नारायणपुर सहित बस्तर अंचल के किसानों के लिए खेती-किसानी को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। शुरुआती तकनीकी समस्याओं के बावजूद जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की तत्परता से किसानों के पंजीयन में आ रही बाधाओं को दूर किया गया, जिससे उन्हें समय पर खाद-बीज और अन्य कृषि सुविधाओं का लाभ मिल सका।

ग्राम कुकड़ाझोर के किसान बीरसिंह के लिए खरीफ सीजन की शुरुआत चिंता भरी रही। तकनीकी त्रुटि के कारण उनका एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं हो पा रहा था, जिससे सहकारी समिति से खाद और बीज मिलने में परेशानी आ रही थी। खेती का समय निकलता देख उन्होंने नारायणपुर तहसील कार्यालय में अपनी समस्या रखी। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से त्रुटि दूर कर उनका पंजीयन शीघ्र पूरा कराया।

बीरसिंह ने बताया कि यदि प्रशासन समय पर मदद नहीं करता तो इस वर्ष उनकी खेती प्रभावित हो जाती। समय पर पंजीयन होने से उन्हें खाद-बीज उपलब्ध हो गया और वे निर्धारित समय पर खेती शुरू कर सके।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का लाभ अन्य किसानों को भी मिला। ग्राम बोरण्ड के किसान वीरू के पंजीयन में आ रही तकनीकी समस्या का भी शीघ्र समाधान किया गया। वहीं ग्राम कोचवाही के किसान सगराम पोटाई का एग्रीस्टेक पंजीयन प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर उन्हें समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराया गया।

जिला प्रशासन का कहना है कि एग्रीस्टेक का उद्देश्य किसानों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना और बिचौलियों की भूमिका समाप्त करना है। नारायणपुर में तकनीकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान इस बात का उदाहरण है कि प्रशासन और किसानों के बेहतर समन्वय से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है।

प्रशासन की इस पहल से किसानों का डिजिटल व्यवस्था पर विश्वास बढ़ा है। साथ ही बस्तर क्षेत्र में खेती को अधिक आधुनिक, सरल और लाभकारी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page