छत्तीसगढ़ में नई श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा

केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव ने अधिकारियों के साथ की बैठक, श्रमिक हितों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर, 9 जुलाई। छत्तीसगढ़ में नई श्रम संहिताओं (न्यू लेबर कोड) के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियों को लेकर गुरुवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. महेंद्र कुमार ने नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सभागार में आयोजित बैठक में राज्य की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में नई श्रम संहिताओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और श्रमिकों के हितों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में वेतन संहिता-2019, औद्योगिक संबंध संहिता-2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परिस्थितियां संहिता-2020 के तहत राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचनाओं और उनके अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी संहिताओं को लागू करने के लिए राज्य सरकार आवश्यक तैयारियां पूरी कर चुकी है।
डिजिटल पहल और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में श्रम विभाग के अधिकारियों ने श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और विभाग द्वारा शुरू की गई डिजिटल पहलों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नई श्रम संहिताओं के लागू होने से श्रम प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगा, जिससे श्रमिकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
राज्य के नियमों को जल्द मिलेगा अंतिम रूप
बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार की श्रम संहिताओं के अनुरूप राज्य स्तर पर नियमों के निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इन्हें शीघ्र अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा, जिससे प्रदेश के लाखों श्रमिकों और नियोजकों को नई व्यवस्था का लाभ सरल और समयबद्ध तरीके से मिल सकेगा।
बैठक में श्रम विभाग के एस.एल. जांगड़े, सविता मिश्रा, गिरीश रामेटेके, अजीतेश पाण्डेय, एस.एस. पैकरा, डी.पी. तिवारी, बी.एस. बरिहा, मनीष श्रीवास्तव, विवेक चेलकर, श्रद्धा केशरवानी और देवेंद्र देवांगन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की ओर से साकेत कुमार पाण्डेय, भूपेंद्र कुमार, रोहित गुप्ता, गौरव डोगरा, अखिलेश राय, सौरभ त्यागी और जयंती सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।




