नक्सलियों की चौपाल से जनचौपाल तक: किसकोड़ो में बदली विकास की तस्वीर

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनी समस्याएं, कहा- आदर्श ग्राम के रूप में होगा विकास

रायपुर, 27 जून। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड स्थित ग्राम किसकोड़ो में उस स्थान पर ऐतिहासिक जनचौपाल आयोजित हुई, जहां कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। जनचौपाल में किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण सहित कई मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और बिजली व्यवस्था में सुधार करने के भी निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेलने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बन रहा है। उन्होंने कहा कि गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। ग्रामीणों में विकास के प्रति उत्साह की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह बदलते बस्तर की नई तस्वीर है।
उन्होंने ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए प्रशिक्षण और प्रमाणन की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही आसपास की पंचायतों के उत्पादों की ब्रांडिंग तथा लघु वनोपज प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो क्षेत्र नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण भी किया।
जनचौपाल में ग्रामीणों ने कहा कि जहां पहले नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। उन्होंने इसे गांव में लोकतंत्र, सुरक्षा और विकास की नई शुरुआत बताते हुए सरकार के प्रति विश्वास व्यक्त किया।


