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नंदकुमार साय के बयान से सरकार की विफलता उजागर – कांग्रेस

नये धर्म स्वातंत्र्य कानून के बाद भी धर्मांतरण रोक नहीं पा रहे, या संरक्षण है?

रायपुर/24 जून 2026। धर्मांतरण को लेकर भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय के बयान को सरकार की विफलता का प्रमाण बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यदि नए कानून के बाद भी धर्मांतरण नहीं रोक पा रहे हैं तो यह सरकार की अक्षमता है, या फिर जानबूझकर रोकना ही नहीं चाहते? केवल राजनैतिक बयानबाजी करके ध्रुवीकरण करने विवाद और वर्ग संघर्ष का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। आदिवासियों के बाद अब साहू समाज और पिछड़ा वर्ग समुदाय भाजपा के नफ़रती एजेंडे के टारगेट में है। एक तरफ भाजपा के यही नेता और आरएसएस स्थानीय मूलनिवासी आदिवासियों को वनवासी कह कर अपमानित करती है, मुख्यमंत्री के मौजूदगी में यही नंदकुमार साय ने कहा था कि जनगणना के कॉलम में हिंदू या ईसाई के स्थान पर आदिवासी लिखें दूसरी ओर हिंदू आदिवासी बनाम धर्मांतरित आदिवासी का मुहिम चलाते हैं, अब अपनी राजनैतिक रोटी सेकने के लिए साहू समाज को अपमानित कर रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पिछले 25 वर्षों में से साढ़े 17 साल भाजपा की सरकार रही, केंद्र में विगत 12 वर्षों से भाजपा की सरकार है लेकिन धर्मांतरण के किसी भी मामले में एक भी आरोपी को सजा नहीं दिला पाए, धर्मांतरण रोकना भाजपा के फोकस में है ही नहीं ये केवल राजनैतिक रोटियां सेकना चाहते हैं, समाधान नहीं। भाजपा की सरकार आने के बाद से ही बस्तर, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा, रायगढ़, कुनकुरी, सरगुजा समेत पूरे प्रदेश में धर्मांतरण एक गंभीर सामाजिक विवाद और वर्ग संघर्ष का रूप ले चुका है, अब मैदानी क्षेत्रों के ओबीसी समुदायों पर इनकी बुरी नजर है। सत्ता के संरक्षण में इरादतन षडयंत्र पूर्वक सांप्रदायिक वैमनस्य भड़काने का प्रयास लगातार जारी है। नया धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू हो चुका है, धर्मांतरण से पहले सरकार को सूचना देना आवश्यक है, फिर धर्मांतरित लोगों के वास्तविक आंकड़े जारी क्यों नहीं करती सरकार? संविधान और कानून के तहत कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है? गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं, हक्का पानी बंद किया जा रहा है। दंगा करने वाले, असामाजिक तत्वों को आखिर किसका संरक्षण है? उन्मादियों का मनोबल दिनों-दिनों क्यों बढ़ रहा है?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जबरिया धर्मांतरण न केवल गैर कानूनी है बल्कि असंवैधानिक भी है, ऐसे कृत्यों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि भाजपा ही धर्मांतरण को बढ़ावा देती है, ताकि वह बहुसंख्यक आबादी को अल्पसंख्यकों का डर दिखाकर अपनी स्वार्थपूर्ति कर सके। संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत प्रत्येक नागरिक को समानता और निजता का अधिकार है, संविधान के अनुच्छेद 25 से लेकर 28 तक धार्मिक स्वंतत्रता के अधिकार वर्णित है, जो मौलिक अधिकारों में शामिल है, उनका अनुपालन करना और कराना चुनी हुई सरकारों का दायित्व है लेकिन यह सरकार वह भी नहीं कर पा रही है। दुर्ग रेलवे स्टेशन मामलों में नेनो की गिरफ्तारी और भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं के दबाव में उनके जमानत तक का विरोध न करना भाजपा के दोहरे चरित्र का प्रमाण है। आमाबेड़ा, नारायणपुर, बस्तर, कोण्डागांव, जगदलपुर, कांकेर, बिलासपुर, रायपुर के मॉल और टाटीबंध की घटनाये इस सरकार के षडयंत्रो का प्रमाण है। मसीह समाज के प्रबोध मिंज भाजपा से विधायक है, हाल ही में महासमुंद जिले के भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला कार्यकारिणी की घोषणा हुई, जिसमें धर्मातरित व्यक्ति जीवन तांडी को जिला महामंत्री एवं अनुप तांडी को मंडल अध्यक्ष पद पर नवाजा गया। भाजपा एक और धर्मांतरण का विरोध करती है, दूसरी ओर राजनीतिक लाभ के लिए धर्मांतरण करने वालों को पद देती है। प्रदेश की जनता को भाजपा से सावधान रहना चाहिए।

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