प्रदेश में 1.49 लाख किशोरियों को लगा एचपीवी टीका, सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में बड़ी उपलब्धि
रायपुर, 3 अगस्त। छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 1.49 लाख से अधिक किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करने में प्रभावी माना जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा केंद्र सरकार के एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेशभर में पात्र किशोरियों तक टीका पहुंचाने के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचकर किशोरियों एवं उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर के जोखिम और टीकाकरण के लाभों की जानकारी दे रही हैं। विभाग का उद्देश्य पात्र आयु वर्ग की प्रत्येक किशोरी तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। किशोरावस्था में लगाया गया एचपीवी टीका संक्रमण के जोखिम को कम करता है और आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना भी काफी घटा देता है। इसी वजह से इसे बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि 14 वर्ष की पात्र आयु वर्ग की बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। पात्र बालिकाओं के लिए यह टीका प्रदेश के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों एवं निर्धारित टीकाकरण केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है।
विभाग का कहना है कि समय पर लगाया गया यह टीका भविष्य में गंभीर बीमारी से सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकता है और महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


