तीजा तिहार के दौरान लोकल ट्रेनें बंद करने के विरोध में ज्ञापन देने पहुंची छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, बिलासपुर स्टेशन में अधिकारी के ज्ञापन स्वीकार नहीं करने पर हुआ विवाद

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख पारंपरिक एवं लोकपर्व तीजा-पोरा के दौरान कोरबा–रायपुर–दुर्ग के बीच चलने वाली लोकल यात्री ट्रेनों को 13 एवं 14 सितंबर को बंद किए जाने के विरोध में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना बिलासपुर द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपने बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर विरोध दर्ज कराया गया, स्टेशन परिसर पर ज्ञापन नही लेने पर 2 घंटे स्टेशन मास्टर के कार्यालय के सामने डटे रहे संगठन के लोग।

रेलवे प्रबंधन के नाम तैयार ज्ञापन स्टेशन प्रबंधन के माध्यम से सौंपने का प्रयास किया गया। लेकिन बिलासपुर रेलवे स्टेशन में स्टेशन मास्टर के उपलब्ध नहीं होने तथा किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी द्वारा ज्ञापन स्वीकार नहीं किए जाने को लेकर मौके पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। रेलवे अधिकारियों के इस रवैये से नाराज छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्रबंधन के विरुद्ध नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार पाली ने कहा तीजा छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों और छत्तीसगढ़िया समाज का महत्वपूर्ण लोकपर्व है। इन दिनों बड़ी संख्या में लोग अपने मायके एवं गांवों तक आने-जाने के लिए रेल परिवहन पर निर्भर रहते हैं। ऐसे समय में नियमित लोकल ट्रेनों को बंद करना यात्रियों के लिए गंभीर परेशानी पैदा करने वाला निर्णय है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने रेलवे प्रबंधन से मांग की है कि लोकल ट्रेनों का संचालन तत्काल पूर्ववत किया जाए तथा 15, 16 एवं 17 सितंबर को तीजा पर्व के अवसर पर अतिरिक्त स्पेशल लोकल ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही कोरबा-रायगढ़ क्षेत्र से कोटा-रायपुर एवं रतनपुर तक तीजा पर्व के दौरान यात्रियों को यात्रा की अनुमति प्रदान करने की मांग की गई है।
पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राकेश ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन द्वारा मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना द्वारा रेलवे प्रशासन के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन एवं विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी रेलवे प्रबंधन की होगी।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ के लोकपर्व और छत्तीसगढ़िया जनता की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।



