G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhKCGखास-खबर

16वें वित्त आयोग की नई शर्तों पर जनपद सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न, 2026-27 की BPDP बनाने पर दिया गया जोर

AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार KCG


खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, 11 जून।  जिला पंचायत के मैकाल सदन सभाकक्ष में जनपद पंचायत छुईखदान के जनपद सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में 16वें वित्त आयोग (2026-27 से 2030-31) के तहत पंचायतों को मिलने वाले अनुदान की नई शर्तों तथा ब्लॉक पंचायत विकास योजना (BPDP) तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजिम चंदेल, संगीता जंघेल, कुसुम, सुमरित जंघेल, ज्योति जंघेल, प्रेमलाल साहू, रिखीराम पटेल, नीना विनोद ताम्रकार, सरिता पटेल, लीला, होमेश्वरी वैष्णव, यशवंत जंघेल, मन्नु मरकाम, डोमार सिंह भेड़िया, वीणा यदु, दुलिया रामेश्वर नेताम, मनोज चतुर्वेदी एवं कौशल बाई ठाकरे सहित जनपद सदस्य शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण में उप संचालक पंचायत गीत कुमार सिन्हा, जिला अंकेक्षक मोहित राम ध्रुव, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा प्रेम कुमार देवांगन, जिला सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण सलीम खान तथा डीपीएम आरजीएसए मनोज कुमार साहू ने प्रोजेक्टर के माध्यम से विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल ने भी प्रशिक्षण सत्र में सहभागिता करते हुए सदस्यों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को मिलने वाले कुल अनुदान का 80 प्रतिशत बेसिक ग्रांट और 20 प्रतिशत परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में प्रदान किया जाएगा। बेसिक ग्रांट का 50 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एवं जल प्रबंधन जैसे कार्यों पर व्यय करना अनिवार्य होगा। परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त करने के लिए प्रति परिवार न्यूनतम 1200 रुपये का स्वयं का राजस्व (OSR) अर्जित करना, पिछले वर्षों के ऑडिटेड लेखे ऑनलाइन उपलब्ध कराना तथा सभी भुगतान PFMS इंटीग्रेटेड eGramSwaraj पोर्टल के माध्यम से करना आवश्यक होगा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा केंद्र के बेसिक ग्रांट का न्यूनतम 20 प्रतिशत अतिरिक्त योगदान देने का प्रावधान भी बताया गया।
प्रशिक्षण में वर्ष 2026-27 की ब्लॉक पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) के आंकड़ों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। वर्तमान में 2023-24 के PAI डाटा के आधार पर योजना निर्माण की प्रक्रिया समझाई गई। पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए संपत्ति कर एवं बाजार शुल्क वसूली पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
प्रतिभागी जनपद सदस्यों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि 16वें वित्त आयोग की नई शर्तों की समय पर जानकारी मिलने से आगामी BPDP तैयार करने में सुविधा होगी। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता भी जताई।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था के तहत पंचायतों के लिए स्वयं का राजस्व बढ़ाना और सभी वित्तीय कार्य डिजिटल माध्यम से करना अनिवार्य होगा। ऑडिट रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होने या PFMS के माध्यम से भुगतान नहीं करने की स्थिति में अनुदान राशि प्रभावित हो सकती है। :::

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page