बिहान योजना से बदली लक्ष्मी यादव की जिंदगी, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक

बिहान योजना से बदली लक्ष्मी यादव की जिंदगी, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
समूह से जुड़कर हुईं आत्मनिर्भर, महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल
रायपुर, 26 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला बन रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि समाज सेवा में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम खैरबार की लक्ष्मी यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की और पोषण सखी के रूप में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
समूह से जुड़कर बदली जिंदगी
लक्ष्मी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और दैनिक जरूरतें पूरी करना भी कठिन था। ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उन्हें पोषण सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिससे नियमित आय का स्रोत बना और परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हुआ।
पोषण सखी बन निभा रहीं सामाजिक जिम्मेदारी
पोषण सखी के रूप में लक्ष्मी यादव गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित और पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देती हैं। वे आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को बल मिल रहा है।
आर्थिक सशक्तिकरण को मिला नया आधार
लक्ष्मी यादव को पोषण सखी के रूप में प्रतिमाह 1,000 रुपये का मानदेय मिलता है। इसके अलावा महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी हुई है। इस राशि का उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, आवश्यक जरूरतों और घरेलू खर्चों में करती हैं।
शासन की योजनाओं से बढ़ा आत्मविश्वास
लक्ष्मी यादव का कहना है कि शासन की योजनाओं ने उन्हें केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर ही नहीं बनाया, बल्कि समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं को देते हुए आभार व्यक्त किया। उनका मानना है कि ‘बिहान’, पोषण अभियान और महतारी वंदन योजना के समन्वित क्रियान्वयन से हजारों ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और लक्ष्मी यादव जैसी महिलाएं अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।

