सोठी के भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री साय, बोले- मानवता, करुणा और सेवा का सच्चा तीर्थ है यह संस्थान


रायपुर, 2 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले के सोठी (कात्रेनगर) स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम का दौरा कर संस्था की सेवा गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आश्रम केवल एक सेवा संस्थान नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और समर्पण का सच्चा तीर्थ है, जो वर्षों से कुष्ठ रोगियों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने आश्रम प्रमुख सुधीर देव से चिकित्सा सुविधाओं, पुनर्वास और सेवा कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की, संस्था के संस्थापक स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा आश्रम के लिए उपलब्ध कराई गई नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गौ-पूजन कर गायों को चारा खिलाया और आश्रमवासियों को उपहार भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन है और भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम इस भावना को व्यवहार में उतारने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था रोगियों को निःशुल्क उपचार, आवास, भोजन, वस्त्र और पुनर्वास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वरोजगार एवं कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर भी बना रही है।
उन्होंने कहा कि आश्रम जैविक खेती, गौशाला संचालन, पर्यावरण संरक्षण तथा विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के जरिए सेवा और प्रकृति संरक्षण का संतुलित मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। साथ ही निःशुल्क चिकित्सा शिविरों और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का कार्य भी सराहनीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव सेवा, अहिंसा और गौरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2025 में संस्था को मिला राज्य स्तरीय यति यतनलाल सम्मान उसके छह दशकों से अधिक लंबे सेवा कार्यों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर सहित विभिन्न इकाइयों का अवलोकन किया तथा कैंसर स्क्रीनिंग वाहन का निरीक्षण भी किया। स्वास्थ्य शिविर में 300 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच और कैंसर स्क्रीनिंग की गई।
उल्लेखनीय है कि 5 अप्रैल 1962 को स्थापित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पिछले छह दशकों से कुष्ठ रोगियों के उपचार, पुनर्वास और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। वर्तमान में यहां 20 बिस्तरों का चिकित्सालय संचालित है तथा लगभग 75 रोगी निवासरत हैं। संस्था जैविक खेती, सिलाई, कंप्यूटर प्रशिक्षण, वेल्डिंग, कालीन निर्माण और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से रोगियों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य भी कर रही है।



