साबरमती मल्टीमॉडल हब आधुनिक भारत के एकीकृत परिवहन तंत्र का उत्कृष्ट उदाहरण : बी.के. शर्मा

छत्तीसगढ़ के पत्रकारों ने गुजरात अध्ययन दौरे में हाई स्पीड रेल मल्टीमॉडल हब का किया अवलोकन

अहमदाबाद, 20 जुलाई 2026। गुजरात अध्ययन दौरे पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने सोमवार को साबरमती हाई स्पीड रेल मल्टीमॉडल हब का भ्रमण किया। इस दौरान पत्रकारों ने देश के पहले एकीकृत परिवहन केंद्र की अत्याधुनिक सुविधाओं, यात्री सेवाओं, हरित भवन अवधारणा और मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी ली।

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के संयुक्त महाप्रबंधक बी.के. शर्मा ने पत्रकारों को हब की विशेषताओं और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साबरमती मल्टीमॉडल हब मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा आधुनिक ट्रांजिट टर्मिनल है, जहां भारतीय रेलवे, हाई स्पीड रेल स्टेशन, अहमदाबाद मेट्रो और बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) को एक ही परिसर में जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच आसानी से आवागमन की सुविधा मिलेगी। 3.54 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित यह परिसर ब्लॉक-ए और ब्लॉक-बी दो भागों में विभाजित है। यहां 1200 से अधिक वाहनों की पार्किंग व्यवस्था के साथ दोपहिया, कार, टैक्सी और बसों के लिए अलग-अलग पिकअप एवं ड्रॉप जोन बनाए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
बी.के. शर्मा ने बताया कि मल्टीमॉडल हब की डिजाइन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की तर्ज पर तैयार की गई है। यात्रियों को यहां टिकटिंग, प्रतीक्षालय, रिटेल आउटलेट, रेस्टोरेंट और अन्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
भवन की तीसरी मंजिल पर करीब 1.43 लाख वर्गफीट क्षेत्र में विशाल कॉन्कोर्स बनाया गया है, जो यात्रियों के लिए मुख्य ट्रांजिट क्षेत्र होगा। यहां फूड कोर्ट, दुकानों, सुविधा केंद्र, शौचालय और आधुनिक यात्री सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट और ट्रैवलेटर से जुड़ेंगे परिवहन साधन
यात्रियों की सुविधा के लिए मल्टीमॉडल हब को फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर और ट्रैवलेटर के माध्यम से रेलवे, मेट्रो, हाई स्पीड रेल और बीआरटीएस से जोड़ा गया है। इससे यात्रियों को बिना सड़क पार किए सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
ग्रीन बिल्डिंग को मिली गोल्ड रेटिंग
बी.के. शर्मा ने बताया कि साबरमती मल्टीमॉडल हब बुलेट ट्रेन परियोजना से जुड़ी देश की पहली ऐसी इमारत है, जिसे भारतीय ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ने गोल्ड रेटिंग प्रदान की है।
भवन में सौर ऊर्जा पैनल, वर्षा जल संरक्षण, ऊर्जा दक्ष प्रकाश व्यवस्था, प्राकृतिक वेंटिलेशन, हरित टैरेस और लैंडस्केप गार्डन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं की गई हैं।
दांडी मार्च भित्ति चित्र बनेगा आकर्षण
भवन के अग्रभाग पर स्टेनलेस स्टील से निर्मित विशाल दांडी मार्च भित्ति चित्र स्थापित किया गया है, जो महात्मा गांधी के ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह और साबरमती की राष्ट्रीय विरासत को दर्शाता है। इसके साथ विकसित स्टेप गार्डन परिसर की सुंदरता को और बढ़ाता है।
विकसित भारत की आधुनिक परिवहन व्यवस्था का आधार
बी.के. शर्मा ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना तैयार करना नहीं, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा अनुभव देना है। मल्टीमॉडल हब के शुरू होने के बाद रेल, मेट्रो, बस और बुलेट ट्रेन के बीच यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को निर्बाध परिवहन सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना विकसित भारत की आधुनिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। साबरमती मल्टीमॉडल हब भविष्य में अहमदाबाद की नई पहचान के रूप में उभरेगा।
अध्ययन दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ के पत्रकारों ने हब के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और पार्किंग व्यवस्था, कॉन्कोर्स, यात्री सुविधाओं, हरित भवन तकनीक तथा हाई स्पीड रेल स्टेशन से इसके जुड़ाव की जानकारी प्राप्त की। पत्रकारों ने इसे देश में विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन अधोसंरचना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।



