गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 8 स्वास्थ्य संस्थानों को सौंपे राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन में कबीरधाम ने रचा कीर्तिमान, प्रदेश में प्रथम स्थान पर
कवर्धा, 19 जुलाई 2026। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिले के आठ स्वास्थ्य संस्थानों को कवर्धा में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणन केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों की बेहतर कार्यप्रणाली, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पलानसरी, मिनमिनिया, गोछिया, वीरेंद्रनगर, गौरमाटी, धरमगढ़, गेंदपुर एवं रंजीतपुर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, डॉ. वीरेन्द्र साहू, नितेश अग्रवाल, पूर्व विधायक सियाराम साहू, मोतीराम चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, लोकचंद साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
कबीरधाम ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन में हासिल किया पहला स्थान
कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) अनुपमा तिवारी के मार्गदर्शन में जिले की 60 शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्राप्त कर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
यह प्रमाणपत्र स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध उत्कृष्ट गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं और मरीज केंद्रित देखभाल का प्रमाण है। यह उन संस्थानों को प्रदान किया जाता है, जो सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, समर्थन सेवाएं, नैदानिक सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण एवं गुणवत्ता प्रबंधन जैसे निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार व्यापक तैयारी करनी होती है। इसके बाद जिला एवं राज्य स्तरीय टीम द्वारा संस्था का निरीक्षण कर दस्तावेजों का परीक्षण, साफ-सफाई, दवाइयों एवं जांच किट की उपलब्धता, भवन की स्थिति, जल एवं विद्युत व्यवस्था तथा मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन किया जाता है।
प्रत्येक मानक में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने के बाद ही संस्था राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणीकरण के लिए पात्र होती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य शासन द्वारा जिले के 73 स्वास्थ्य संस्थानों को प्रमाणीकरण के लिए तैयार करने का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले कबीरधाम जिले ने 91 शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार का कार्य प्रारंभ कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इनमें से 60 संस्थानों का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणीकरण पूर्ण हो चुका है, जबकि 12 संस्थानों के परिणाम लंबित हैं और 19 संस्थानों में तैयारी जारी है। प्रमाणित संस्थानों में जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया, एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 52 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
प्रमाणित संस्थाओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक से प्रमाणित होने के बाद उप स्वास्थ्य केंद्रों को 2.16 लाख रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 3 लाख रुपये तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय को प्रति बेड 10 हजार रुपये की दर से प्रतिवर्ष तीन वर्षों तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
जिले में एनक्यूएएस प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सफल बनाने में जिला स्तरीय टीम के डॉ. मुकुंद राव, आराधना बंजारे, सुरेन्द्र चंद्रवंशी एवं श्रद्धा चंद्रवंशी द्वारा प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग तथा स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर कमियों को दूर कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।



