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वनांचल की गर्भवती माताओं के लिए स्वास्थ्य सुविधा की नई पहल, तरेगांव में 97 महिलाओं की सोनोग्राफी जांच

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरेगांव में निःशुल्क सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित

कवर्धा। वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके निवास क्षेत्र के नजदीक उपलब्ध कराने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा की पहल पर विश्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरेगांव में निःशुल्क सोनोग्राफी जांच एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में तरेगांव सेक्टर सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों से पहुंची गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

शिविर में कुल 97 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी जांच की गई। जांच के माध्यम से गर्भस्थ शिशु के विकास की स्थिति, गर्भावस्था से संबंधित आवश्यक पहलुओं तथा संभावित जटिलताओं की जानकारी लेकर महिलाओं को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। शिविर के माध्यम से हाई-रिस्क गर्भावस्था की समय रहते पहचान कर सुरक्षित प्रसव की दिशा में आवश्यक कदम सुनिश्चित किए गए।

उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कहा कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती माताओं की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि इस प्रकार के शिविरों का निरंतर आयोजन किया जाए, ताकि दूरस्थ गांवों की गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर आवश्यक जांच हो सके। इसी उद्देश्य से तरेगांव में सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया है। शासन का प्रयास है कि वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उनके क्षेत्र के नजदीक उपलब्ध हो सकें। तरेगांव में आयोजित यह शिविर वनांचल क्षेत्रों तक आवश्यक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। दूरस्थ गांवों की गर्भवती महिलाओं को एक ही स्थान पर सोनोग्राफी जांच, चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी मिलने से उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त हुआ।

106 लोगों की ओपीडी जांच, किया गया निःशुल्क दवा वितरण


शिविर में गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी जांच के साथ सामान्य नागरिकों के लिए स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इस दौरान 106 लोगों की ओपीडी जांच की गई तथा उन्हें निःशुल्क दवा और चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।
गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार, एनीमिया की रोकथाम, प्रसव पूर्व आवश्यक सावधानियां, नियमित स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव के महत्व और सुरक्षित मातृत्व से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई। शिविर का लाभ तरेगांव सेक्टर के तरेगांव, जंगल मगरवाड़ा, लरबक्खी, सीली, भरतपुर, जुनवानी, दुर्जनपुर, बरपानी, राली, कुरकुरापानी, जोकपानी, केशरमदा, मुकाम, बैरक, बैजलपुर सहित आसपास के अनेक गांवों की गर्भवती महिलाओं और ग्रामीणों को मिला।

सोनोग्राफी से समय रहते जटिलताओं की पहचान


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने कहा कि सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य शिविरों का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच सुनिश्चित हो सके। बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि ऐसे शिविरों से हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान हो जाती है, जिससे आवश्यक उपचार और बेहतर चिकित्सकीय निगरानी संभव होती है। इससे सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ शिशु की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा सकते हैं।
सोनोग्राफी जांच गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास की निगरानी, गर्भावस्था की स्थिति एवं अनुमानित प्रसव तिथि के आकलन, शिशु की धड़कन, प्लेसेंटा और एम्नियोटिक फ्लूइड की स्थिति की जांच, बहु-गर्भ की पुष्टि तथा संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान में उपयोगी होती है।

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