धान खरीदी घोटाले में बड़ी कार्रवाई: 81.19 लाख की गड़बड़ी, समिति प्रबंधक के घर से 16 लाख नकद जब्त

तीन धान उपार्जन केंद्रों में अमानत में खयानत का मामला, प्रबंधक, फड़ प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 8 आरोपी फरार
कवर्धा, 10 जुलाई। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा क्षेत्र में धान खरीदी में अनियमितता और अमानत में खयानत के मामले में लोहारा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। धान उपार्जन केंद्र सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला में धान एवं खाली बारदानों के गबन से शासन को 81 लाख 19 हजार 502 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में समिति प्रबंधक, फड़ प्रभारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों सहित कुल आठ आरोपियों के विरुद्ध तीन अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी के घर से पुलिस ने करीब 16 लाख रुपये नकद, विभिन्न बैंकों की पासबुक, लैपटॉप एवं सीपीयू जब्त किए हैं। आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव की सहसपुर लोहारा शाखा के प्रबंधक संतोष कुमार गंधर्व की शिकायत पर संयुक्त जांच दल द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच तीनों उपार्जन केंद्रों में समिति प्रबंधक, फड़ प्रभारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने मिलीभगत कर धान और बारदानों के रिकॉर्ड में हेराफेरी की तथा शासन को 81.19 लाख रुपये की आर्थिक हानि पहुंचाई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना लोहारा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(5) एवं 3(5) के तहत तीन अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं।
अपराध क्रमांक 79/2026 में समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी बलदाऊ डड़सेना और कंप्यूटर ऑपरेटर बिहारी राम साहू को आरोपी बनाया गया है।
अपराध क्रमांक 80/2026 में समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी तुकाराम साहू तथा कंप्यूटर ऑपरेटर पीलूराम साहू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
अपराध क्रमांक 81/2026 में समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी और कंप्यूटर ऑपरेटर महावीर साहू को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी गंगादास मानिकपुरी के निवास पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। तलाशी के दौरान उसके घर से करीब 16 लाख रुपये नकद, विभिन्न बैंकों की पासबुक, लैपटॉप और सीपीयू बरामद कर जब्त किए गए। पूछताछ में परिजनों ने नकदी गंगादास की होना स्वीकार किया, लेकिन राशि के स्रोत की जानकारी नहीं दे सके।
कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है तथा सूचना तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक डॉ. परमिला मंडावी, निरीक्षक मनीष मिश्रा, उप निरीक्षक संदीप चौबे, बलदाऊ भट्ट, प्रशिक्षु उप निरीक्षक खिलेंद्र देवांगन, प्रधान आरक्षक गिरीश तिवारी, आरक्षक राजू सोनवानी, रवि जायसवाल, महिला आरक्षक मंजू निर्मलकर तथा आरक्षक बिनश पोर्ते की विशेष भूमिका रही।

