बिजली दर वृद्धि वापस ले सरकार, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना फिर लागू हो: कांग्रेस

रायपुर, 02 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 1 जुलाई से लागू 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली दर वृद्धि का विरोध करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पहले से महंगे बिजली बिलों से परेशान जनता पर यह फैसला कुठाराघात है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते ढाई वर्षों में पांच बार बिजली दर बढ़ाई जा चुकी है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि स्मार्ट मीटर, लो वोल्टेज और लगातार बिजली कटौती से उपभोक्ता पहले ही परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन घरों का पहले 400 से 500 रुपये मासिक बिजली बिल आता था, उन्हें अब 3 से 4 हजार रुपये तक बिल भरना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं को 10 हजार से 30 हजार रुपये तक के बिल मिले हैं, जबकि उनका कहना है कि इतनी बिजली की खपत हुई ही नहीं।
उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ के संसाधनों का उपयोग होने और राज्य के बिजली उत्पादन में सरप्लस होने के बावजूद जनता को महंगी बिजली दी जा रही है। किसानों को सिंचाई के लिए महंगी बिजली का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ी है। वहीं छोटे और मध्यम उद्योग, व्यापारी, होटल व्यवसायी तथा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उपयोगकर्ता भी बढ़ी हुई बिजली दरों से प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीति आम जनता से अधिक से अधिक वसूली करने की है। उन्होंने कहा कि लोगों की आय नहीं बढ़ रही, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण उनका खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि बिजली कंपनी अपने नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं से कर रही है।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि जुलाई से लागू नई बिजली दरों को तत्काल वापस लिया जाए, 400 यूनिट तक की बिजली बिल हाफ योजना को पुनः लागू किया जाए तथा स्मार्ट मीटर हटाकर सामान्य बिजली मीटर लगाए जाएं।

