जुलाई से ही मनरेगा के काम शुरू करे सरकार, मजदूरों को मिले रोजगार: दीपक बैज

रायपुर, 02 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार से मांग की है कि मनरेगा के कार्य जुलाई माह से ही शुरू किए जाएं, ताकि बारिश के मौसम में भी ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की देरी के कारण हजारों श्रमिकों को काम नहीं मिल पा रहा है।
दीपक बैज ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने मनरेगा के नए वित्तीय स्वरूप में केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के खर्च के बंटवारे को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तराखंड जैसे राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ सरकार को भी राज्यहित में इस व्यवस्था पर आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य के वित्तीय संसाधन पहले से सीमित हैं। जीएसटी व्यवस्था के तहत अधिकांश कर केंद्र सरकार के पास जाते हैं, ऐसे में मनरेगा का 40 प्रतिशत खर्च राज्य पर डालने से अन्य विकास कार्य प्रभावित होंगे। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार पहले ही वित्तीय संकट का हवाला देकर नई योजनाएं शुरू नहीं कर पा रही है और अब मनरेगा का अतिरिक्त भार भी राज्य पर डाल दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पहले मनरेगा पूरी तरह केंद्र प्रवर्तित योजना थी, लेकिन अब 40 प्रतिशत राशि राज्य को वहन करनी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध करने के बजाय साय सरकार ने इसे मंजूरी देकर राज्य के हितों की अनदेखी की है। साथ ही 4,000 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है, जबकि पहले मनरेगा पर लगभग 6,200 करोड़ रुपये खर्च होते थे। इससे स्पष्ट है कि सरकार बजट घटाकर मनरेगा के कार्यों में कटौती करना चाहती है।
दीपक बैज ने कहा कि मनरेगा के नए प्रावधान को लागू हुए आठ महीने हो चुके हैं। सामान्यतः 15 जून के बाद मनरेगा के कार्य बंद हो जाते हैं, लेकिन सरकार अब निर्णय ले रही है। ऐसे में चार महीने तक मजदूरों को काम नहीं मिलेगा और उसके बाद ही कार्य शुरू हो पाएंगे। उन्होंने सरकार से तत्काल जुलाई माह से मनरेगा के कार्य शुरू करने और श्रमिकों के हितों की रक्षा करने की मांग की।



