शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बस्तर संभाग की शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश

रायपुर, 1 जुलाई 2026। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बुधवार को बस्तर कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि बस्तर के समग्र विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अंदरूनी क्षेत्रों के स्कूलों को पुनर्जीवित करने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया।

शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक स्तर पर गणित, हिंदी और अंग्रेजी की मजबूत आधारशिला तैयार करने के लिए कैलेंडरवार, शालावार एवं विषयवार समय-सारणी के अनुसार अध्ययन कराने तथा नियमित रिवीजन टेस्ट आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, संभागीय संयुक्त संचालक एच.आर. सोम सहित सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान आधार बेस ऐप के माध्यम से कार्यालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति तथा वीएसके ऐप में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की गई। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा नेटवर्क विहीन विद्यालयों की सूची कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही अन्य विभागों में पदस्थ शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर वापस भेजने संबंधी निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की गई।
मंत्री ने बसाहटवार प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति, नए विद्यालयों की आवश्यकता, बंद स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने की कार्ययोजना तथा बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। उन्होंने पोटा केबिनों में अंतरजिला विद्यार्थियों को प्रवेश देने, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर विषयवार यूनिट टेस्ट एवं तिमाही परीक्षाएं आयोजित करने तथा कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों में सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना, छात्रवृत्ति, गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह एवं न्यौता भोजन, निर्माण कार्यों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने, जर्जर विद्यालय भवनों को नियमानुसार हटाने, आवश्यक मरम्मत कार्यों में उपलब्ध बजट का उपयोग करने तथा पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवितरित पुस्तकों का विद्यालय एवं संकुल स्तर पर व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित करने पर भी जोर दिया।
बैठक से पहले शिक्षा मंत्री ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजना के तहत पात्र छात्राओं को निःशुल्क सायकल एवं उपहार वितरित किए और उन्हें मेहनत, लगन तथा नियमित अध्ययन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।


