मुख्यमंत्री ने शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का किया शुभारंभ

आकस्मिक जरूरतों के लिए बिना ब्याज मिलेगी वित्तीय सहायता, ई-कोष से होगी पूरी डिजिटल प्रक्रिया

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के ब्रोशर का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इसे कर्मचारी कल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों को आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक, त्वरित और सहज वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं। यदि कर्मचारी आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर कार्य करेंगे तो शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के लिए निजी साहूकारों या अधिक ब्याज पर ऋण लेने की मजबूरी नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारी बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के वेतन के आधार पर अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त विभाग ने इस सुविधा को ई-कोष प्रणाली से एकीकृत किया है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी होगी, जिससे कर्मचारियों को कम समय में ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने इस नवाचार के लिए वित्त विभाग की टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था राज्य सरकार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं डालेगी।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारी हितों और प्रशासनिक सुधारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि कैशलेस मेडिकल सुविधा के बाद यह दूसरी बड़ी पहल है, जिससे कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के लिए बिना ब्याज वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि योजना के पायलट चरण में ही इसे अच्छा प्रतिसाद मिला है। मात्र दो माह में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार से अधिक कर्मचारी इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराने की भी योजना है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी और आकस्मिक परिस्थितियों में उन्हें सम्मानजनक एवं त्वरित आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
योजना के तहत कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण और सहमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण की स्वीकृति और राशि का भुगतान शीघ्र किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त) ऋषभ पराशर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


