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क्रूड ऑयल सस्ता, फिर भी पेट्रोल-डीजल महंगा; कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी नहीं किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय पेट्रोलियम कंपनियों के मुनाफे को बढ़ावा दे रही है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें अपने उच्च स्तर 157 डॉलर प्रति बैरल से घटकर लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। उनके अनुसार प्रति बैरल करीब 87 डॉलर की गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अपेक्षित कमी नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां मिलकर पेट्रोल-डीजल के माध्यम से आम जनता से प्रति लीटर 48 से 52 रुपये तक की अतिरिक्त कमाई कर रही हैं।

कांग्रेस ने दावा किया कि पिछले 15 दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है, लेकिन इसका लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाया गया। शुक्ला ने कहा कि सरकार इस गिरावट का फायदा जनता को देने के बजाय अपने राजस्व और कंपनियों के मुनाफे में समायोजित कर रही है, जो आम लोगों के साथ अन्याय है।

उन्होंने कहा कि जब पश्चिम एशिया में तनाव के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, तब केंद्र सरकार ने कुछ ही दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम कई बार बढ़ा दिए थे। अब जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें पहले से भी कम हो गई हैं, तब भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं दी जा रही है।

कांग्रेस का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आने से परिवहन लागत घटेगी, कृषि क्षेत्र की लागत कम होगी और आवश्यक वस्तुओं के दामों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

सुशील आनंद शुक्ला ने केंद्र सरकार से पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में तत्काल कमी करने की मांग करते हुए कहा कि महंगाई से राहत देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाना चाहिए।

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