पहली ही बारिश में दरकने लगी रेंगाखार जलाशय की सीसी लाइनिंग नहर, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

महज चार माह में ही दरारें उभरने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
कवर्धा। कबीरधाम जिले के रेंगाखार जंगल क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वीकृत नहर जीर्णोद्धार एवं सीसी लाइनिंग कार्य अब निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। करीब 2 करोड़ 24 लाख 10 हजार रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना में निर्माण कार्य पूरा होने के महज चार माह के भीतर ही कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं। पहली ही बारिश में सामने आई इस स्थिति ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है।जानकारी के अनुसार, 23 दिसंबर 2024 को इस परियोजना के लिए 2 करोड़ 41 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके बाद 1 जनवरी 2025 को 2 करोड़ 40 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति जारी हुई। वहीं 26 जून 2025 को 2 करोड़ 24 लाख रुपये की अनुबंध राशि पर निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। परियोजना के तहत एक्वाडक्ट निर्माण, सीसी लाइनिंग, कोलाबा पाइप फिक्सिंग एवं नहर जीर्णोद्धार जैसे कार्य किए गए, जिनके माध्यम से 274 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था।

कुछ ही महीनों बाद नहर की सीसी लाइनिंग में कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं
हालांकि, निर्माण पूरा होने के कुछ ही महीनों बाद नहर की सीसी लाइनिंग में कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि पहली ही बारिश में नहर की यह स्थिति हो गई है, तो आने वाले वर्षों में इसकी मजबूती और उपयोगिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।

किसानों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई
ग्रामीणों और किसानों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तथा यदि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। किसानों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सिंचाई परियोजना का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और टिकाऊ हो।

कबीरधाम जिले में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार अब अपनी सारी सीमाएं पार कर चुका है – आकाश
प्रदेश सचिव, युवा कांग्रेस आकाश केशरवानी ने कहा की कबीरधाम जिले में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार अब अपनी सारी सीमाएं पार कर चुका है। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़कें, पुल-पुलिया और अन्य विकास कार्य गुणवत्ता के अभाव में कुछ ही समय में जर्जर हो रहे हैं। इससे साफ प्रतीत होता है कि निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता और लापरवाही बरती जा रही है। इसका खामियाजा आम जनता, ग्रामीणों, किसानों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले विकास कार्य यदि कुछ ही दिनों में टूटने लगें, तो यह केवल तकनीकी लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का गंभीर संकेत है। सरकार को ऐसे मामलों में लीपापोती करने के बजाय निष्पक्ष जांच करानी चाहिए तथा दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।



