बलौदा बाजार–सिमगा मार्ग बदहाल: तीन साल से नवीनीकरण का इंतजार, बारिश में गड्ढों ने बढ़ाया हादसों का खतरा

श्रवण कुमार ध्रुव
बलौदा बाजार। बलौदा बाजार से सिमगा जाने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों गंभीर बदहाली का शिकार है। वर्षों से नवीनीकरण का इंतजार कर रही इस सड़क की स्थिति बारिश के मौसम में और भी चिंताजनक हो गई है। जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों, राहगीरों और ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क के रखरखाव और नवीनीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसका सबसे अधिक असर रोजी-मजदूरी करने वाले श्रमिकों, स्कूली छात्र-छात्राओं, मरीजों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

भारी वाहनों की आवाजाही से बिगड़ी हालत
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित सीमेंट संयंत्रों के लिए कच्चे एवं तैयार माल की ढुलाई करने वाले भारी और कथित रूप से ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही ने सड़क को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। उनका कहना है कि शाम के समय ओवरलोड वाहनों की संख्या अधिक रहती है, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से सड़क लगातार जर्जर होती जा रही है।
कई गांवों के हजारों लोग प्रभावित
इस मार्ग से सुहेला, नवापारा, हथबंद, पड़कीडीह, करही चांडी, सेमहराडीह, रिसदा, कोकड़ी सहित आसपास के अनेक गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण यात्रा में अधिक समय लग रहा है और लोगों को आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क के गड्ढों की मरम्मत कराने, ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने तथा स्थायी समाधान के लिए पूरे मार्ग का शीघ्र नवीनीकरण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



