बालक दास चंदेल पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सक नहीं, परिषद ने जारी किया स्पष्टीकरण
कवर्धा। छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद, रायपुर ने स्पष्ट किया है कि बालक दास चंदेल परिषद में पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सक नहीं हैं। परिषद ने यह स्पष्टीकरण विभिन्न समाचार पत्रों में उन्हें आयुर्वेदिक डॉक्टर बताए जाने संबंधी समाचारों के बाद जारी किया है।
परिषद के अनुसार 16 जुलाई 2026 को प्रकाशित समाचारों में बालक दास चंदेल (35 वर्ष) को आयुर्वेदिक चिकित्सक बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की खबर प्रकाशित हुई थी। जांच के बाद परिषद ने स्पष्ट किया कि उनका नाम परिषद के राज्य रजिस्टर में दर्ज नहीं है और वे परिषद से पंजीकृत चिकित्सक नहीं हैं।
परिषद ने बताया कि छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम, 1970 तथा भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम, 2020 के तहत राज्य में केवल वही व्यक्ति आयुर्वेदिक चिकित्सा व्यवसाय कर सकता है, जिसका नाम परिषद के राज्य रजिस्टर में विधिवत पंजीकृत हो। परिषद में केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से आयुर्वेद की डिग्री प्राप्त करने वाले स्नातक चिकित्सकों का ही पंजीयन किया जाता है।
परिषद ने यह भी जानकारी दी कि बालक दास चंदेल के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई किए जाने के लिए कबीरधाम पुलिस विभाग को पत्र भेज दिया गया है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि उपचार कराने से पहले संबंधित चिकित्सक के पंजीकरण की जानकारी अवश्य सुनिश्चित करें।



