G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhINDIAKabirdhamखास-खबर

17 लाख के चेक डैम पर अनियमितता के आरोप: निजी भूमि पर निर्माण और पहली बारिश में दरारों से उठे गुणवत्ता पर सवाल

कवर्धा/पंडरिया। कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत पंडरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत कोयलारीकला में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लगभग 17 लाख रुपये की लागत से निर्मित 12 मीटर लंबे चेक डैम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम निवासी येकल सिंह, पिता कृष्ण कुमार सिंह ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पंडरिया को लिखित शिकायत सौंपकर निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार चेक डैम का निर्माण उनकी निजी भूमि, खसरा नंबर 902/1 (904, 905), रकबा 3.15 एकड़, सेहामालगी खार में कराया गया है। उन्होंने निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि लाखों रुपये की लागत से बने चेक डैम में निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगीं। वहीं पहली ही बारिश के दौरान निर्माण के कुछ हिस्सों में धंसाव होने की बात भी कही गई है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शुरुआती बारिश में ही ऐसी स्थिति बन गई है तो आगे तेज बारिश के दौरान इसकी मजबूती को लेकर चिंता स्वाभाविक है।

मामले में यह सवाल भी उठाया गया है कि यदि संबंधित भूमि निजी स्वामित्व की है, तो वहां सरकारी राशि से निर्माण कार्य की स्वीकृति किस आधार पर दी गई। शिकायतकर्ता ने यह भी जानने की मांग की है कि क्या निर्माण से पहले संबंधित उपयंत्री द्वारा स्थल का भौतिक सत्यापन किया गया था तथा राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया गया था।

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि संबंधित खसरा नंबर का राजस्व अभिलेखों के आधार पर तत्काल सत्यापन कराया जाए, निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित सरपंच, उपयंत्री, तकनीकी अमले एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी राशि के उपयोग की भी विस्तृत जांच की मांग की गई है।

फिलहाल शिकायत की जांच होना शेष है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा। अब निगाहें जनपद पंचायत और जिला प्रशासन पर हैं कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है या नहीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page