शिक्षा के सपनों को मिली नई उड़ान, नोनी सशक्तिकरण योजना से अंकिता को ₹20 हजार की मदद

निर्माण श्रमिक की बेटी को मिली आर्थिक सहायता, पढ़ाई के खर्च में परिवार को मिली राहत
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 7 अक्टूबर 2026। आर्थिक परिस्थितियां कमजोर होने के बावजूद यदि हौसला मजबूत हो और शासन की योजनाओं का सहारा मिले, तो शिक्षा के सपनों को नई दिशा मिल सकती है। गौरेला नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 15 निवासी कुमारी अंकिता रोहणी की कहानी इसका उदाहरण है। निर्माण श्रमिक परिवार से आने वाली अंकिता को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली है।
अंकिता के पिता रवि रोहणी निर्माण श्रमिक हैं और श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। परिवार की सीमित आय में घरेलू जरूरतों के साथ बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाना आसान नहीं था। इसके बावजूद परिवार ने अंकिता की शिक्षा जारी रखी।
योजना की जानकारी मिलने के बाद पात्रता और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अंकिता को सहायता राशि प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से परिवार पर पढ़ाई से संबंधित खर्च का बोझ कम हुआ है। अंकिता भी अब अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख रही हैं।
शिक्षा की जरूरतों में खर्च हो रही राशि
अंकिता प्राप्त सहायता राशि का उपयोग अपनी शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। उनका कहना है कि शासन से मिली यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि अपने भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर भी है। वह पढ़ाई पूरी कर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं और भविष्य में अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देख रही हैं।
बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल
नोनी सशक्तिकरण योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे जरूरतमंद परिवारों को बेटियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़े खर्चों में राहत मिल रही है। साथ ही बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सहयोग मिल रहा है।
अंकिता ने योजना का लाभ मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता से उनकी पढ़ाई के सपने को मजबूती मिली है। अब वह पूरी लगन के साथ पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहती हैं।

