छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क को बड़ी रफ्तार, बजट आवंटन बढ़कर ₹7,470 करोड़
32 स्टेशनों का अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प, 10 स्टेशनों का काम पूरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण को बड़ी गति मिली है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य में रेल परियोजनाओं का वार्षिक बजट परिव्यय बढ़ाकर ₹7,470 करोड़ किया गया है। यह वर्ष 2009-14 के दौरान रहे ₹311 करोड़ के औसत वार्षिक आवंटन से करीब 24 गुना अधिक है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में दुर्ग सांसद विजय बघेल के लिखित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
32 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। इनमें अंबिकापुर, बालोद, भानुप्रतापपुर, भिलाई, चांपा, दल्लीराजहरा, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, सरोना और उरकुरा समेत 10 स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो चुका है।
दुर्ग जिले में भी स्टेशन उन्नयन के कई काम चल रहे हैं। भिलाई नगर और भिलाई पावर हाउस में स्टेशन भवन, दूसरे प्रवेश द्वार, सर्कुलेटिंग एरिया और प्लेटफॉर्म शेल्टर जैसी सुविधाएं तैयार हो चुकी हैं। वहीं दुर्ग स्टेशन पर नए स्टेशन भवन, क्रू लॉबी और परिचालन ढांचे का निर्माण जारी है।
रिसामा में नए प्लेटफॉर्म और फुट ओवरब्रिज
रिसामा रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां 3 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज, नया प्लेटफॉर्म और अन्य यात्री सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। रिसामा के पास लेवल क्रॉसिंग डीडी-19 पर सड़क सुरक्षा के लिए रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का काम भी जारी है।
192 आरओबी-आरयूबी पूरे
रेलवे के अनुसार छत्तीसगढ़ में वर्ष 2014 से मई 2026 तक 192 रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज बनाए जा चुके हैं। वहीं करीब ₹1,693 करोड़ की लागत से 98 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिन पर काम होना है।
रेल लाइन बिछाने की रफ्तार 17 गुना बढ़ी
छत्तीसगढ़ में रेल लाइन विस्तार की गति में भी बड़ा इजाफा हुआ है। दल्लीराजहरा-रावघाट की 95 किमी नई रेल लाइन ₹1,628 करोड़ की लागत से पूरी हो चुकी है। रावघाट-जगदलपुर के 140 किमी लंबे रेलखंड में भूमि अधिग्रहण और प्रारंभिक निर्माण कार्य जारी है।
2009-14 के दौरान राज्य में औसतन 6.4 किमी प्रतिवर्ष ट्रैक कमीशनिंग हुई थी, जो 2014-26 के दौरान बढ़कर 109.29 किमी प्रतिवर्ष हो गई।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर जोर
रेल यात्रियों को टिकट सुविधा देने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। देश में आरक्षित टिकटों की 88 प्रतिशत से अधिक बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। यात्री 1 जुलाई 2025 को शुरू किए गए रेलवन (RailOne) ऐप के जरिए आरक्षित और अनारक्षित दोनों प्रकार के टिकट बुक कर सकते हैं।
