G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhINDIARaipurखास– खबर

प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ में गूंजा कोरबा का जल संरक्षण मॉडल

प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ में गूंजा कोरबा का जल संरक्षण मॉडल

‘कैच द रेन’ अभियान में नवाचारों की प्रधानमंत्री ने की सराहना, कोरबा बना देश के लिए मिसाल

https://youtube.com/shorts/h5kuMnx_ZQM?si=G76YRu6NGHQAAXP-

रायपुर, 26 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। उन्होंने नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन के लिए किए गए नवाचारों को देश के लिए प्रेरणादायक बताया।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में कोरबा में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। एसएएम-2.0 योजना के अंतर्गत शहर के 10 स्थानों पर इसरो के तकनीकी परामर्श से इंजेक्ट वेल पद्धति पर आधारित रिचार्ज वेल बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से वर्षा का पानी सीधे भूगर्भ में पहुंचाकर भूजल स्तर बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

नगर निगम ने जनभागीदारी के माध्यम से 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित किए हैं। इनमें 757 शासकीय और 971 निजी भवन शामिल हैं। साथ ही नए भवन निर्माण की अनुमति में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। सामुदायिक भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सार्वजनिक भवनों में भी यह व्यवस्था अनिवार्य की गई है। वर्तमान में 109 निर्माण कार्यों में यह प्रावधान लागू किया जा चुका है।

भूजल संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए शहर के 95 अनुपयोगी और क्षतिग्रस्त बोरवेलों को चिन्हित कर उन्हें रिचार्ज संरचनाओं में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वन विभाग द्वारा कोरबा और कटघोरा वनमंडल में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है। इस वर्ष कोरबा वनमंडल में ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 15 सितंबर तक जिलेभर में सघन वृक्षारोपण अभियान जारी है। नगर निगम ने ‘रन फॉर ग्रीन कोरबा’ कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किए जाने से जिले के नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान मिली है। यह मॉडल अब देश के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभर रहा है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत और निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने नागरिकों से अपने घरों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित करने तथा अधिक से अधिक पौधरोपण कर जल एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page