बैगलेस डे पर सूरजपुर की अनूठी पहल, 500 विद्यालयों में पोषण, पर्यावरण और सहभागिता का संगम

बैगलेस डे पर सूरजपुर की अनूठी पहल, 500 विद्यालयों में पोषण, पर्यावरण और सहभागिता का संगम

रायपुर, 25 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में विद्यालयों को शिक्षा के साथ पोषण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाने की दिशा में सूरजपुर जिले ने बैगलेस डे पर एक अभिनव पहल की है। जिले के लगभग 500 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ पोषण वाटिका निर्माण, न्योता भोजन, पूरक पोषण आहार वितरण और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का आयोजन किया गया।
कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। विद्यालय परिसरों में सेमी, लौकी, बरबट्टी, खीरा, तरोई सहित विभिन्न मौसमी सब्जियों का रोपण किया गया।
इन पोषण वाटिकाओं में तैयार होने वाली ताजी सब्जियों का उपयोग प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत मध्यान्ह भोजन में किया जाएगा। इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने के साथ-साथ उन्हें प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और पोषण के महत्व की व्यवहारिक जानकारी भी मिलेगी।

न्योता भोजन से बढ़ी सामुदायिक भागीदारी
बैगलेस डे के अवसर पर कई विद्यालयों में ‘न्योता भोजन’ का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने बच्चों के लिए फल, मिठाई और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया। इसके साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी लता बेक ने कहा कि बैगलेस डे केवल किताबों से अलग एक दिन नहीं, बल्कि बच्चों को जीवनोपयोगी कौशल, सामुदायिक सहयोग, श्रम के सम्मान और प्रकृति से जुड़ाव की सीख देने का प्रभावी माध्यम है।
सूरजपुर जिले की यह पहल शिक्षा, पोषण और जनभागीदारी के समन्वित मॉडल के रूप में सामने आई है, जो प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक बन रही है।


