तीन महीने के ब्रिज कोर्स से शिक्षा की मुख्यधारा में लौटेंगे 1200 बच्चे, क्षमता के अनुसार मिलेगी कक्षा

रायपुर, 25 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शाला त्यागी और अप्रवेशी बच्चों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत जिले के सुदूर एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लगभग 1,200 बच्चों को चिन्हित कर आवासीय पोर्टा केबिनों में प्रवेश दिलाया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व तथा वन एवं प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर संचालित इस अभियान की निगरानी कलेक्टर विश्वदीप और जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे कर रहे हैं। अभियान में 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों को शामिल किया गया है, जो विभिन्न कारणों से स्कूल से दूर हो गए थे।
शुरुआत में बच्चों को विद्यालय के वातावरण से जोड़ने के लिए खेलकूद, चित्रकला, नृत्य, टीवी कार्यक्रम और शैक्षणिक भ्रमण जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं, ताकि उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित हो सके।

इसके बाद बच्चों के लिए 90 दिनों का विशेष ब्रिज कोर्स संचालित किया जा रहा है। इस दौरान उनकी शैक्षणिक क्षमता का आकलन करते हुए भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत बनाया जाएगा।
ब्रिज कोर्स पूरा होने के बाद मूल्यांकन परीक्षा आयोजित होगी, जिसके आधार पर बच्चों को उनकी शैक्षणिक क्षमता के अनुसार उपयुक्त कक्षा में नियमित प्रवेश दिया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि वर्षों बाद इतनी बड़ी संख्या में बच्चे दोबारा शिक्षा से जुड़ रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य इन सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर देखभाल उपलब्ध कराना है।
इस बीच जिला पंचायत सीईओ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, डीईओ, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी तथा संकुल समन्वयकों की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही अध्यापन की गुणवत्ता और भोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि बच्चे सहज रूप से विद्यालयीन वातावरण में ढल सकें।



