नई पीढ़ी का भविष्य संवारना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बच्चों का आत्मीय स्वागत, दुर्ग जिले को शिक्षा और खेल अधोसंरचना की चार बड़ी सौगात

रायपुर, 20 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्य, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना का विकास करना है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है। राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री सोमवार को दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने पहली बार विद्यालय में प्रवेश लेने वाले नन्हे विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, बड़े सपने देखने और अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं संस्कारों से प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कक्षा पहली, छठवीं और नवमी के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग वितरित किए। वहीं कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया। राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
शिक्षा व्यवस्था को बनाया जा रहा आधुनिक और समावेशी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज और भारतीय संस्कृति पर आधारित नवाचारों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का वातावरण तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं और अब प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज, 24 नालंदा परिसर संचालित हैं तथा दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीटों का छात्रावास उपलब्ध कराया गया है।
दुर्ग जिले को मिली चार बड़ी सौगातें
मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के लिए आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन, दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम, फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट एवं जेईई की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास की स्थापना शामिल है।
खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए अंतरिक्ष विज्ञान एवं खगोल से जुड़े मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार ही भविष्य के भारत की पहचान होंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत कटहल, सिंदूरी और मौलश्री के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में भी सहभागिता की और उनसे आत्मीय संवाद किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कु. पायल रजनी (प्रथम स्थान), नैतिक आमटे (सातवां स्थान) तथा कु. श्रद्धा इंदौरिया (दसवां स्थान) को सम्मानित किया गया।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार, बालिकाओं के लिए आठ हजार से अधिक नए शौचालयों का निर्माण, भाषा एवं गणितीय दक्षता बढ़ाने के विशेष अभियान तथा भारतीय संस्कृति आधारित नवाचारों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें और गणवेश उपलब्ध कराए जाएं।
कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।



