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870 ग्राम की नन्ही जान को मिला नया जीवन, जिला अस्पताल कवर्धा की एसएनसीयू टीम ने रचा मिसाल

एक माह के उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौटा अति समयपूर्व जन्मा नवजात, 870 ग्राम से बढ़कर हुआ 1600 ग्राम वजन

कवर्धा, 15 जुलाई 2026। जिला अस्पताल कवर्धा ने नवजात शिशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए मानवता और समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में मात्र 870 ग्राम वजन के अति समयपूर्व (एक्सट्रीम प्रीटर्म) जन्मे नवजात का सफल उपचार कर उसे स्वस्थ अवस्था में घर भेजा गया।

जन्म के समय नवजात की स्थिति अत्यंत गंभीर थी और उसके जीवित रहने की संभावना बेहद कम मानी जा रही थी। इसके बावजूद चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पित प्रयासों, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं तथा निरंतर निगरानी से इस नन्ही जान को नया जीवन मिला।

जन्म के तुरंत बाद शिशु को जिला अस्पताल की एसएनसीयू में भर्ती किया गया, जहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शलिल मिश्रा के मार्गदर्शन में डॉ. त्रिभुवन जायसवाल सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ ने चौबीसों घंटे उसकी गहन निगरानी की।

उपचार के दौरान नवजात को श्वसन सहायता, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने की व्यवस्था, संक्रमण से सुरक्षा, संतुलित पोषण तथा अन्य आवश्यक नवजात गहन चिकित्सा सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई गईं। लगभग एक माह तक चले उपचार के दौरान शिशु के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हुआ और उसका वजन 870 ग्राम से बढ़कर 1600 ग्राम हो गया। चिकित्सकीय परीक्षणों में पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने के बाद उसे डिस्चार्ज कर परिजनों को सौंप दिया गया।

डॉ. त्रिभुवन जायसवाल ने बताया कि अत्यंत कम वजन और समयपूर्व जन्मे नवजातों का उपचार बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में प्रत्येक क्षण विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। समय पर उपचार, संक्रमण से सुरक्षा, संतुलित पोषण, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और पूरी एसएनसीयू टीम के सामूहिक प्रयासों से ही ऐसे नवजातों को सुरक्षित जीवन दिया जा सकता है।

सिविल सर्जन डॉ. केशव धुव्र ने इस उपलब्धि पर पूरी एसएनसीयू टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता जिला अस्पताल में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों की विशेषज्ञता, आधुनिक नवजात चिकित्सा सुविधाओं और नर्सिंग स्टाफ की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल का उद्देश्य प्रत्येक मरीज, विशेषकर नवजात एवं गंभीर रोगियों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है और भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती रहेंगी।

नवजात के माता-पिता ने भावुक होकर जिला अस्पताल के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की विशेषज्ञता, संवेदनशील देखभाल और पूरी टीम की अथक मेहनत के कारण उनके बच्चे को नया जीवन मिला है। उन्होंने जिला अस्पताल की सेवाओं की सराहना करते हुए इसे जिलेवासियों के लिए बड़ी सौगात बताया।

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