जनजातीय विकास को मिल रही नई गति, आदिम जाति सेवक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण : विष्णुदेव साय

भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर, 12 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड आदिवासी समाज के उत्थान, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री रविवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास के जनदर्शन हॉल में आयोजित भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों और सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है, जहां विशेष पिछड़ी जनजातियों सहित अनेक आदिवासी समुदाय अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के साथ निवास करते हैं। ऐसे राज्य में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के राज्य बोर्ड का गठन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संस्था का गौरवशाली इतिहास रहा है। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद इसके प्रथम अध्यक्ष रहे, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने भी इस संस्था का नेतृत्व किया था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बस्तर क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। वहीं पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार दशकों से विकास से वंचित रहे लगभग 400 गांवों का सर्वेक्षण कर वहां विकास कार्यों को गति दी गई है। नियद नेल्लानार योजना के तहत 500 से अधिक गांवों तक सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। इन क्षेत्रों में राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं, नई उचित मूल्य दुकानों का संचालन शुरू हुआ है और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के तहत दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है, जबकि बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के माध्यम से वनांचल के लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का संरक्षण करते हुए उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आजीविका के बेहतर अवसरों से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड जनजातीय विकास के प्रयासों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा।
समारोह में संघ के अध्यक्ष प्रकाश कुमार उइके, कौशल्या साय, राजेश मालवीय, कुंवर जितेंद्र नरसिंह राणा सहित विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

