महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 45% की बढ़ोतरी, 50% शुल्क छूट से मिला ₹50.14 करोड़ का लाभ
पंजीयन शुल्क में रियायत का सकारात्मक असर, महिलाओं की संपत्ति में बढ़ी हिस्सेदारी
रायपुर, 12 जुलाई। प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा पंजीयन शुल्क में दी गई 50 प्रतिशत छूट का सकारात्मक असर सामने आया है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के अनुसार महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार 6 मई से 30 जून 2026 की अवधि की तुलना पिछले वर्ष की समान अवधि से करने पर महिलाओं के पक्ष में पंजीकृत विक्रय विलेखों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई है। इसी अवधि में महिलाओं के नाम पंजीकृत दस्तावेजों की संख्या 14,668 से बढ़कर 21,292 पहुंच गई, जो लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत जिलों में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 20 प्रतिशत से अधिक वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। जांजगीर-चांपा, बलोद, कोरिया, रायपुर और कांकेर सहित कई जिलों में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है।
पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट के कारण इस अवधि में नागरिकों को लगभग 50.14 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है। इससे महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने को प्रोत्साहन मिलने के साथ परिवारों को भी आर्थिक राहत मिली है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को राज्य सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उनके नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए शुल्क में 50 प्रतिशत छूट का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संपत्ति पर महिलाओं का स्वामित्व उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के साथ परिवार और समाज में निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत करता है।
वित्त एवं वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में हुई वृद्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का संकेत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और समावेशी पंजीयन व्यवस्था विकसित करने के लिए लगातार सुधार कर रही है तथा महिलाओं की बढ़ती भागीदारी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

