दुर्गम वनांचल में ट्रैक्टर से पहुंचा तीन माह का राशन, 151 परिवारों को मिली बड़ी राहत

नारायणपुर जिला प्रशासन की अनूठी पहल, मानसून से पहले छह गांवों में कराया खाद्यान्न का अग्रिम वितरण

रायपुर, 9 जुलाई। नारायणपुर जिले के दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने सराहनीय पहल करते हुए ट्रैक्टर के माध्यम से छह दूरस्थ गांवों में तीन माह का राशन पहुंचाया। बारिश और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया गया, जिससे 151 राशनकार्डधारी परिवारों को बड़ी राहत मिली।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार मानसून के दौरान पहुंच विहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जा रही है। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर राशन दुकानों की स्थापना, डोर-स्टेप डिलीवरी और बारिश शुरू होने से पहले तीन माह का अग्रिम राशन भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
इसी क्रम में कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल गांवों में ट्रैक्टर के जरिए राशन पहुंचाकर हितग्राहियों को वितरित किया गया।
151 परिवारों को मिला तीन माह का खाद्यान्न
खाद्य विभाग के अनुसार मुरुमवाड़ा के 98, दिवालूर के 32, गुडेकोर के 13, धोबे के 3, हरबेल के 3 तथा बोटेर के 2 परिवारों सहित कुल 151 राशनकार्डधारी परिवारों को उनकी पात्रता के अनुसार तीन माह का खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया।
बरसात की मुश्किलों से मिली राहत
घने जंगल, कच्चे रास्ते और नदी-नालों से घिरे इन गांवों तक सामान्य दिनों में भी पहुंचना कठिन होता है। बरसात के दौरान रास्ते पूरी तरह बाधित हो जाने से ग्रामीणों को राशन लेने के लिए लंबी और जोखिमभरी यात्रा करनी पड़ती थी। प्रशासन ने समय रहते ट्रैक्टरों के माध्यम से गांवों तक राशन पहुंचाकर इस समस्या का समाधान किया।
बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को सबसे अधिक लाभ
खाद्यान्न वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से किया गया। गांव में ही राशन मिलने से ग्रामीणों ने खुशी जताई और कहा कि इससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग हितग्राहियों को कठिन रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ा, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता
जिला प्रशासन का कहना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक पात्र परिवार तक समय पर पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था और अग्रिम भंडारण जैसी पहलें इसी उद्देश्य से की जा रही हैं। प्रशासन की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियां भी जनता तक उनका अधिकार पहुंचाने में बाधा नहीं बन सकतीं।



