एसडीजी 2.0 और ‘बस्तर अंजोर’ से विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने किया एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन, ‘बस्तर अंजोर’ पहल की शुरुआत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ एसडीजी (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया। इस अवसर पर एसडीजी राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0 तथा मेटाडेटा हैंडबुक का भी लोकार्पण किया गया। साथ ही बस्तर संभाग के समावेशी, अभिसरण आधारित और परिणामोन्मुख विकास के लिए तैयार की गई महत्वाकांक्षी पहल ‘बस्तर अंजोर’ का शुभारंभ भी किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़ @2047” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक डेटा और परिणाम आधारित निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के लिए मजबूत आधार उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। एसडीजी 2.0 के माध्यम से विकास कार्यों की प्रगति अधिक पारदर्शी, मापनीय और जवाबदेह बनेगी, जिससे शासन व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
343 राज्य और 99 जिला स्तरीय संकेतकों से होगी निगरानी
नए एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क के तहत राज्य स्तर पर विकास संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 तथा जिला स्तर पर 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है। इससे विकास योजनाओं की अधिक व्यापक, वैज्ञानिक और सटीक निगरानी संभव होगी। वहीं मेटाडेटा हैंडबुक में प्रत्येक संकेतक की गणना पद्धति और रिपोर्टिंग प्रणाली को मानकीकृत किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
‘बस्तर अंजोर’ बनेगा समावेशी विकास का नया मॉडल
कार्यक्रम में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने ‘बस्तर अंजोर’ की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह अभिसरण (कन्वर्जेंस) आधारित विकास मॉडल है, जिसका उद्देश्य बस्तर संभाग को देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाना है।
उन्होंने बताया कि 3+4 मॉडल पर आधारित इस पहल के अंतर्गत जिला स्तर की तीन प्रमुख योजनाएं—नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर—का अभिसरण चार प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विकास फ्रेमवर्क एसडीजी-2030, विकसित छत्तीसगढ़ @2047, आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम से किया गया है। इसका उद्देश्य अतिरिक्त संसाधनों के बिना बेहतर समन्वय के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में ठोस एवं मापनीय परिणाम प्राप्त करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बस्तर अंजोर’ अंत्योदय से सर्वोदय की भावना पर आधारित एक दूरदर्शी पहल है, जो बस्तर को समावेशी, सतत और परिणाम आधारित विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।


