कबीरधाम के पंच कैलाशी पं. राजेश शुक्ला दूसरी बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रवाना, नाथुला मार्ग से करेंगे पावन दर्शन

कवर्धा। जगन्नाथ सेवा समिति के वैचारिक सहयोगी एवं कबीरधाम निवासी पंच कैलाशी पं. राजेश शुक्ला एक बार फिर भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर रवाना हुए हैं। उनकी यह दूसरी कैलाश यात्रा है, जो उनकी अटूट आस्था, साहस और आध्यात्मिक समर्पण का प्रतीक मानी जा रही है।

पं. राजेश शुक्ला ने अपनी पहली कैलाश मानसरोवर यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे के मार्ग से पूरी की थी। इस बार वे सिक्किम के नाथुला दर्रे के रास्ते चीन में प्रवेश कर कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार, कैलाश का पुनः दर्शन मिलना भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा का प्रतीक माना जाता है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा विश्व की सबसे कठिन और पवित्र तीर्थयात्राओं में गिनी जाती है। ऊँचे हिमालयी पर्वत, कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण मार्ग के बावजूद श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन की भावना लेकर इस यात्रा को पूरा करते हैं। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि धैर्य, साहस और तपस्या की भी परीक्षा मानी जाती है।
जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्यों, शुभचिंतकों और श्रद्धालुओं ने पं. राजेश शुक्ला की यात्रा की सफलता के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की है। सभी ने कामना की कि महादेव की कृपा से उनकी यह यात्रा मंगलमय, सुरक्षित और सफल हो तथा वे कैलाश मानसरोवर की दिव्य अनुभूतियों और भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर सकुशल लौटें।



