नकटी गांव में मकानों की तोड़फोड़ पर कांग्रेस का हमला, कहा- गरीबों पर बुलडोजर चलाना कैसा सुशासन?

नकटी गांव में मकानों की तोड़फोड़ पर कांग्रेस का हमला, कहा- गरीबों पर बुलडोजर चलाना कैसा सुशासन?
रायपुर, 02 जुलाई 2026। नकटी गांव में 85 आवासों और प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों की तोड़फोड़ को लेकर महिला कांग्रेस ने साय सरकार पर तीखा हमला बोला है। महिला कांग्रेस की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई भाजपा सरकार के गरीब विरोधी चेहरे को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के सिर पर छत थी, उन्हें बारिश के बीच बेघर करना न तो मानवीय है और न ही सुशासन का उदाहरण।
संगीता सिन्हा ने कहा कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास पहले किए बिना मकान तोड़ना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोगों को अपना सामान सुरक्षित हटाने का समय क्यों नहीं दिया गया और मानसून के दौरान ही इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई क्यों की गई। उनका आरोप है कि पुनर्वास के नाम पर प्रभावित परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को सस्ती जमीन उपलब्ध करा सकती है, लेकिन गरीबों को सम्मानजनक पुनर्वास देने में असफल रही है। उन्होंने पूछा कि यदि विधायक कॉलोनी बनानी थी तो सरकारी खाली जमीन का उपयोग क्यों नहीं किया गया। साथ ही यह भी सवाल उठाया कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए, उनके नुकसान की भरपाई कौन करेगा और नए मकानों के लिए उनसे कोई राशि तो नहीं ली जाएगी।
महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक कमरे के मकान में 20 से 25 सदस्यीय परिवारों को बसाने की व्यवस्था की गई है, जहां बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। सरकार द्वारा दिए गए अस्थायी आवंटन पत्रों में 5.50 लाख और 8.50 लाख रुपये की श्रेणी के मकानों का उल्लेख है। कांग्रेस ने पूछा कि इन मकानों की राशि कौन देगा और इन्हें पूरी तरह निःशुल्क क्यों नहीं किया गया।
संगीता सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस विकास की विरोधी नहीं है, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता जो गरीबों के अधिकारों और संवैधानिक प्रक्रियाओं को कुचलकर किया जाए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजे, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और सरकार की नैतिक जवाबदेही तय करने की मांग की।


