पीएम श्री स्व. लाल मुरत सिंह खुशरो विद्यालय, गंडई में स्टीम समर कैंप एवं टेक्नोलॉजी कार्यशाला संपन्न

AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार जिला प्रतिनिधि KCG
अभिनव पहल खैरागढ़ / गंडई : जिले में विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से पीएम श्री स्व. लाल मुरत सिंह खुशरो शासकीय अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय, गंडई में एक दिवसीय STEM समर कैंप एवं टेक्नोलॉजी कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल के.पी. साव के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों एवं नवाचारों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
Tech 36 Garh द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का संचालन कमल चंदेलकर, विकास चंदेलकर, प्रमोद निषाद एवं अमितेश हरसुख ने किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग, 3डी पेन तथा STEM आधारित नवाचारों की जानकारी दी गई। साथ ही रोबो सॉकर, रोबो रेस, ड्रोन डेमोंस्ट्रेशन एवं तकनीकी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को केवल तकनीकी अवधारणाओं से परिचित नहीं कराया, बल्कि विभिन्न उपकरणों एवं तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया। विद्यार्थियों ने रोबोट संचालन, ड्रोन की कार्यप्रणाली तथा 3डी प्रिंटिंग की प्रक्रिया को करीब से देखा और समझा। हैंड्स-ऑन लर्निंग गतिविधियों के माध्यम से उन्हें तकनीक आधारित शिक्षा का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों में विज्ञान, नवाचार एवं तकनीकी शिक्षा के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने विभिन्न तकनीकी मॉडलों का अवलोकन करते हुए विशेषज्ञों से संवाद किया तथा नई तकनीकों के उपयोग एवं संभावनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन एवं नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने का कार्य किया।
विद्यालय के प्राचार्य पवन कुमार ददरया ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करती हैं। उन्होंने आयोजन के लिए tech 36 garh की टीम का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। शिक्षकों ने इस प्रकार की नवाचार आधारित गतिविधियों को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।


