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100 युवा कलाकारों ने एक साथ बजाई ‘आजादी की धुन’, देशभक्ति के गीतों से गूंजा रायपुर

मुख्यमंत्री साय बोले- आजादी की धुन इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प याद दिलाती है

रायपुर, 12 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी रायपुर में बुधवार शाम देशभक्ति के सुर गूंजे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे 100 युवा कलाकारों ने एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर लाइव बैंड प्रस्तुति दी। देशभक्ति के गीतों ने पूरे ऑडिटोरियम को राष्ट्रप्रेम के भाव से भर दिया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ‘आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को याद करने का अवसर है। यह आयोजन हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाता है।

संगीत ने स्वतंत्रता आंदोलन में जगाई थी चेतना

मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत लोगों की भावनाओं को जगाने और उन्हें एक सूत्र में जोड़ने की शक्ति रखता है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों में स्वाधीनता की चेतना जगाई और क्रांतिकारियों का मनोबल बढ़ाया। आज भी देशभक्ति की धुनें सुनकर राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण की भावना जागती है।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी असंख्य ज्ञात-अज्ञात सेनानियों के बलिदान का परिणाम है। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर और डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अनेक राष्ट्रनायकों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव मजबूत की।

वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर को किया याद

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी वीर सपूतों को जन्म दिया। वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन का विरोध किया, जबकि वीर गुण्डाधुर ने बस्तर के भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के खिलाफ आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। उनका शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।

युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान

साय ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों से जोड़ते हैं। आज की पीढ़ी को समझना चाहिए कि स्वतंत्र भारत के निर्माण के पीछे लाखों लोगों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार भी विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ काम कर रही है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन इंद्रजीत सिंह खालसा सहित जनप्रतिनिधि, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

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