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16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्याखेट पर रहेगा प्रतिबंध, उल्लंघन पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना

AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ KCG

खैरागढ़ :  वर्षा ऋतु के दौरान मछलियों के प्रजनन एवं संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने 16 जून 2026 से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि को “बंद ऋतु (क्लोज सीजन)” घोषित किया है। इस दौरान जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अधिकांश जल संसाधनों में मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

सहायक संचालक मछलीपालन कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम, 1972 की धारा-3 उपधारा-2 के तहत यह प्रतिबंध लागू किया गया है। आदेश के अनुसार 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक सभी प्रकार के जल संसाधनों में मछली पकड़ने की गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी, ताकि वर्षा ऋतु में मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को संरक्षण मिल सके और मत्स्य संसाधनों का संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध उन छोटे तालाबों एवं जल स्रोतों पर लागू नहीं होगा, जिनका किसी नदी या नाले से संबंध नहीं है। इसके अलावा जलाशयों में संचालित केज कल्चर गतिविधियों को भी प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है।

नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) दिनांक 1 जनवरी 2026 में प्रकाशित छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) अधिनियम, 2025 के अनुसार, छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम, 1948 की धारा-5 के तहत दोषी पाए जाने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

मत्स्य विभाग ने मछुआरों, मत्स्य सहकारी समितियों एवं आम नागरिकों से बंद ऋतु के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने तथा मत्स्य संसाधनों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है। इससे भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और जलीय जैव विविधता को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

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