भारी वर्षा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश
रेड और येलो अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी व समय पर राहत-बचाव के निर्देश
जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री
रायपुर, 30 जुलाई 2026। प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा और मौसम विभाग द्वारा कई जिलों के लिए जारी रेड एवं येलो अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपदा प्रबंधन व राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को संभावित बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखने, संवेदनशील स्थानों की पहचान कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि न हो।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां पहले से सुनिश्चित रहें। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां, प्राथमिक उपचार, बिजली, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। साथ ही वृद्धजन, महिलाएं, बच्चे और दिव्यांगजन जैसे संवेदनशील वर्गों की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत वितरण कंपनी तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नावों, राहत सामग्री, आवश्यक उपकरणों और अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जिला एवं राज्य स्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने, मौसम की स्थिति, जलाशयों के जलस्तर, नदी-नालों की स्थिति और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लेकर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जाएं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक रूप से नदी-नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन की सतर्कता, समयबद्ध कार्रवाई और जनसहयोग से किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा।


