यूपी की तरह राज्य से भी स्मार्ट मीटर सरकार वापस ले- कांग्रेस*

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली की खपत से ज्यादा रीडिंग आ रही है। जनता परेशान है। इस माह लोगों का बिल तीन गुना तक बढ़कर आया है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने पूरे प्रदेश से स्मार्ट मीटर वापस लिया है। हमारी मांग है कि छत्तीसगढ़ से भी स्मार्ट मीटर वापस लिया जाये। उत्तरप्रदेश सरकार ने माना कि स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत ज्यादा आ रही है, योगी मंत्रिमंडल ने इसे बदलने का फैसला किया है, छत्तीसगढ़ में भी इसे वापस लिया जाए।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि हर जगह बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी खपत वास्तविक खपत से अधिक बताई जा रही है, स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से चल रहा है। बिजली उपभोक्ताओं का यह अधिकार है कि अपनी वास्तविक खपत को जान सके। चेक मीटर का प्रावधान पहले से ही था, लेकिन यह सरकार अपनी लूट पर परदेदारी करने के लिए चेक मीटर लगाने और मीटर चेक करवाने उपभोक्ताओं से 1000 और 1500 रुपए शुल्क लेने का प्रावधान कर दिया गया है, यदि मीटर में गड़बड़ी का आरोप उपभोक्ता लगा रहे हैं, तो उसे मुफ्त में चेक किया जाए, किसी भी तरह से अतिरिक्त शुल्क अनुचित है। यह प्रावधान सरकार ने गड़बड़ी छुपाने के लिये किया है। सरकार स्मार्ट मीटर वापस ले
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि 400 यूनिट तक छूट को आधी करके 200 यूनिट किया, उसमें भी यह शर्त लगा दिया गया कि खपत 400 यूनिट से अधिक होते ही सारी छूट, राहत, रियायत पूरी तरह खत्म। ऊपर से सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाकर अधिक वसूली कर रहे है। अधिक मुनाफाखोरी के लालच में यह सरकार अनाप-शनाप बिजली बिल वसूलने के लिए नए नए पैंतरे अपना रही है।


