ऑपरेशन गोल्ड: 24 घंटे में लूट का खुलासा, सराफा व्यापारियों के साथ पुलिस की अहम बैठक


बिलासपुर। राजकिशोरनगर स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई बड़ी लूट की घटना और इसके कुछ दिन बाद सीपत में घटित वारदात को गंभीरता से लेते हुए बिलासा गुड़ी स्थित चेतना हॉल में सराफा व्यापारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रामगोपाल गर्ग (आईजी) एवं रजनेश सिंह (एसएसपी) ने सुरक्षा मानकों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

बैठक से पूर्व सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में महालक्ष्मी ज्वेलर्स लूटकांड के अंतरराज्यीय गिरोह को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने पर आईजी रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह, एडिशनल एसपी पंकज पटेल सहित “ऑपरेशन गोल्ड” में शामिल 11 सदस्यीय विशेष टीम का शॉल एवं मोमेंटो देकर सम्मान किया गया। इस त्वरित कार्रवाई में उत्तर प्रदेश पुलिस का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा।

आम जनता भी पुलिस का हिस्सा: आईजी
आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। एडिशनल एसपी पंकज पटेल, सीएसपी निमितेश सिंह सहित पूरी टीम ने समन्वय के साथ काम करते हुए अपराधियों तक पहुंचने की रणनीति बनाई। परिणामस्वरूप 24 घंटे के भीतर गिरोह को गिरफ्तार कर लूट का सामान सुरक्षित बरामद कर लिया गया। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में आम जनता भी पुलिस की भागीदार है और सभी को अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
सुरक्षा मापदंडों की दी गई जानकारी
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि हालिया घटनाएं चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन टीमवर्क के दम पर अपराधियों को पकड़ लिया गया। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सराफा व्यापारियों को उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने, सुरक्षा अलार्म सिस्टम सक्रिय रखने तथा सोने-चांदी के आभूषणों को प्रतिदिन लाने-ले जाने से बचने की सलाह दी गई। दुकानों में ही सुरक्षित भंडारण की पुख्ता व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।
निर्देशों का पालन अनिवार्य
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने आश्वस्त किया कि एसएसपी द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में सदस्यों का नवीनीकरण किया जाएगा और जो व्यापारी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनकी सदस्यता नवीनीकृत नहीं की जाएगी।
“ऑपरेशन गोल्ड” की स्पेशल 11 टीम (मिर्जापुर रवाना दल)
इस विशेष अभियान के तहत मिर्जापुर तक जाकर आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में शामिल रहे:
उप पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) श्री निमितेश सिंह परिहार
निरीक्षक श्री किशोर केवट, थाना प्रभारी सिरगिट्टी
स.उ.नि. श्री शैलेन्द्र सिंह, थाना सरकंडा
प्रधान आरक्षक क्र. 277 बलबीर सिंह, थाना सरकंडा
प्रधान आरक्षक क्र. 303 अतीश पारीक, ACCU बिलासपुर
आरक्षक क्र. 1148 सरफराज खान, थाना तोरवा
आरक्षक क्र. 1124 आशीष राठौर, थाना सिविल लाइन
आरक्षक क्र. 487 वीरेंद्र गंधर्व, थाना पचपेड़ी
आरक्षक क्र. 1484 सत्य पाटले, थाना सरकंडा
आरक्षक क्र. 1170 वीरेंद्र साहू, थाना सरकंडा
खोहाली केवेंट
पूरे अभियान का नेतृत्व आईजी रामगोपाल गर्ग एवं एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। “ऑपरेशन गोल्ड” की यह सफलता बिलासपुर पुलिस की त्वरित रणनीति, समन्वय और साहस का प्रतीक बनकर सामने आई है।



