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विप्लव इज बैक : शासन के निर्णय पर हाईकोर्ट की नकेल, सत्ता के प्रभाव में दिया था संचालनालय ने एकतरफा आदेश

विप्लव इज बैक : शासन के निर्णय पर हाईकोर्ट की नकेल, सत्ता के प्रभाव में दिया था संचालनालय ने एकतरफा आदेश

AP NEWS। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 6 मुढ़ीपार के सदस्य के रूप में निर्वाचन को न्यायालय संचालक पंचायत संचालनालय छत्तीसगढ़ ने शून्य घोषित कर दिया था। फैसले को हमारे द्वारा चुनौती देते हुए माननीय उच्च न्यायालय में अपील किया गया। खैरागढ़ के एड. मनराखन देवांगन और विद्वान वकील सी के केशरवानी और अनुकूल विश्वास ने बिलासपुर हाईकोर्ट में हमारा पक्ष मजबूती से रखा। जहां पर माननीय न्यायालय ने पंचायत संचालनालय के आदेश में कमजोरियों को देखते हुए हमे स्थगन आदेश दिया है, कि विप्लव साहू जिला पंचायत के सदस्य के पद पर विधि सम्मत आसीन विधि सम्मत आसीन रहेंगे। और हमे भी माननीय उच्च न्यायालय पर भरोसा है।

त्रिस्तरीय पंचायती राज के तहत जिला पंचायत राजनांदगांव के सदस्यों के लिए जो निर्वाचन वर्ष 2020 में संपन्न हुआ था। हमने जनता के बेशुमार प्यार और अपनी स्वच्छ छवि के बदौलत, सत्तारूढ़ कांग्रेस के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मुढ़ीपार के अध्यक्ष कोमल साहू को 8 हजार और भाजपा के रेवाराम वर्मा लगभग 4 हजार मतों से हराया था। लोकतांत्रिक ढंग से विजयी प्रत्याशी से ईर्ष्या रखते हुए दयालु वर्मा जैसे लोगों ने परेशान करने के उद्देश्य से रायपुर में पंचायत संचालनालय में कई तरह के मिथ्यारोप लगाते हुए निर्वाचन को शून्य करने हेतु याचिका दाखिल किया था।

राजनीतिक पद में बैठे कुछ लोगों ने अपने प्रभाव का बेजा इस्तेमाल करते हुए हमे पदच्युत करके लोकतंत्र को चुराने की कोशिश किये। जिसमे वे नाकाम रहे हैं।

दयालु वर्मा द्वारा आरोप लगाया गया जिस पर विप्लव साहू के पक्ष में विद्वान वकीलों ने तर्क रखा कि तय समय सीमा के बाद लगाई गई याचिका में कई त्रुटियां हो सकती है।न्यायालय ने इस बात को संज्ञान में लेते हुए अंतिम फैसले आने तक के लिए संचालनालय के इस फैसले पर रोक लगा दिया है।

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