जनमन आवास के नाम पर 2.40 लाख की ठगी, ठेकेदार पर FIR

कबीरधाम में अब तक तीन ठेकेदारों पर दर्ज हुआ केस, हितग्राहियों ने मकान बनवाने के लिए दी थी राशि
कवर्धा। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मकान निर्माण का ठेका लेकर काम पूरा नहीं करने और रकम वापस नहीं लौटाने के आरोप में पुलिस ने ठेकेदार शेख निजामुद्दिन उर्फ निक्की खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला बोड़ला विकासखंड के ग्राम दुलदुला, ग्राम पंचायत बेंदा का है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई की है।
शिकायत के मुताबिक, गांव के तीन हितग्राहियों राजिम धुर्वे, उनके बड़े भाई सोनेलाल धुर्वे और पड़ोसी छिरवैया धुर्वे के नाम से प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुए थे। आरोप है कि आवास निर्माण के लिए ठेकेदार ने हितग्राहियों से रकम ली, लेकिन मकान का निर्माण पूरा नहीं कराया। रकम वापस मांगने पर भी पैसे नहीं लौटाए गए।
तीन हितग्राहियों से 80-80 हजार लेने का आरोप
शिकायत में बताया गया है कि आवास निर्माण के नाम पर तीनों हितग्राहियों से 80-80 हजार रुपए, कुल 2 लाख 40 हजार रुपए लिए गए। इसमें पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपए मिलने के बाद ठेकेदार ने निर्माण की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद दूसरी किस्त के 60 हजार रुपए भी नकद दिए गए। इसके बावजूद निर्माण कार्य अधूरा रहने और रकम वापस नहीं मिलने पर हितग्राहियों ने चिल्फी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
अब तक तीन ठेकेदारों पर कार्रवाई
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना में हितग्राहियों से रकम लेने और मकान निर्माण पूरा नहीं करने के आरोप में कबीरधाम जिले में अब तक तीन ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इनमें ग्राम आमानारा के बैसाखू बैगा की शिकायत पर तरेगांव जंगल थाने में ठेकेदार तुमेश गोड़ तथा ग्राम राजाढ़ार के देवसिंह की शिकायत पर चिल्फी थाने में ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों मामलों में कुल 7 लाख 49 हजार रुपए की कथित ठगी की शिकायतें सामने आई हैं।
उप मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राहियों के साथ धोखाधड़ी और उनकी राशि के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजाति सहित जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है। ऐसे में आवास निर्माण के नाम पर राशि लेकर काम नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बीच अब हितग्राहियों को अपने अधूरे आवास पूरे होने और उनकी राशि वापस मिलने की उम्मीद है।


