केंद्र सरकार ने रबी फसलों का एमएसपी बढ़ाने को दी मंजूरी, सांसद संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार का जताया आभार

कवर्धा– क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने बताया कि केंद्र सरकार ने साल 2027-28 के लिए सभी छह रबी फसलों का एमएसपी बढ़ाने को मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम देना और उत्पादन लागत पर पर्याप्त मार्जिन सुनिश्चित करना है।
सांसद संतोष पांडेय ने बताया कि गेहूं के एमएसपी में 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। गेहूँ की उत्पादन लागत करीब ₹1,264 प्रति क्विंटल है। इसके मुकाबले सरकार ने 2027-28 के लिए एमएसपी 2,610 रूपए प्रति क्विंटल तय किया है। यानी गेहूं का एमएसपी उत्पादन लागत के दोगुने से भी ज्यादा है। गेहूं देश की प्रमुख रबी फसल है। इसकी बुवाई आमतौर पर अक्टूबर से शुरू होती है, जबकि अप्रैल से इसकी कटाई शुरू होती है। ऐसे में नई एमएसपी की घोषणा किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
केंद्र सरकार ने सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि अन्य पांच रबी फसलों के एमएसपी में भी बढ़ोतरी की है। जौ का एमएसपी 2,150 रुपए से बढ़ाकर 2,286 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। दालों में चने का एमएसपी 5,875 रुपए से बढ़कर 5,958 रुपए और मसूर का एमएसपी 7,000 रुपए से बढ़कर 7,390 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। वहीं तिलहन फसलों में सरसों का एमएसपी 6,200 रूपए से बढ़ाकर 6,613 रुपए और कुसुम का एमएसपी 6,540 रुपए से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने किसानों को खेती के लिए सस्ते दाम पर खाद उपलब्ध कराने के लिए उर्वरकों (P&K) पर 41,533 करोड़ रुपये की सब्सिडी मंजूर की है। उक्त निर्णय के लिए सांसद संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
- किसानों को मिलेगा ₹90,962 करोड़ का भुगतान-
सरकार के अनुमान के मुताबिक, 2027-28 के मार्केटिंग सीजन में करीब 324 लाख टन रबी फसलों की खरीद के लिए किसानों को कुल ₹90,962 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। एमएसपी तय करने में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों को आधार बनाया गया है। इसमें उत्पादन लागत के साथ घरेलू और वैश्विक कीमतों के रुझान तथा मौसम से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखा गया है।
- गेहूं उत्पादन का लक्ष्य भी बढ़ा -
कृषि मंत्रालय ने 2026-27 फसल वर्ष के लिए गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 12.1 करोड़ टन रखा है। गेहूं की MSP में बढ़ोतरी से किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। वहीं सरकार का फोकस उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को लागत के मुकाबले उचित रिटर्न उपलब्ध कराने पर भी है।
-कैबिनेट में लिए गए 3 बड़े और दूरगामी फैसले -
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में किसानों की सौगात के अलावा दो अन्य बड़े फैसलों पर भी मुहर लगाई गई है, जिनका देश पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।
पीएम धारा योजना: – देश में रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने और सुगम ट्रांसमिशन के लिए पीएम धारा नाम से एक महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम को मंजूरी दी गई है।
रबी फसलों का नया एमएसपी:- गेहूं और मसूर जैसी प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी कर किसानों को वित्तीय सुरक्षा दी गई है।


