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खैरागढ़:-नवांगांव बांध के उलट पानी ने मचाई तबाही 3 गांव में बाढ़, नवांगांव में बाढ़ से 15 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त, छह मकान जमीदोंज,चार फीट से अधिक पानी में डूबा रहा पूरा गांव, फसलें भी प्रभावित, वनांचल में भारी बारिश से बिगड़ी स्थिति

खैरागढ़:-नवांगांव बांध के उलट पानी ने मचाई तबाही 3 गांव में बाढ़,

नवांगांव में बाढ़ से 15 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त, छह मकान जमीदोंज,चार फीट से अधिक पानी में डूबा रहा पूरा गांव, फसलें भी प्रभावित, वनांचल में भारी बारिश से बिगड़ी स्थिति

खैरागढ़ । आधीरात वनांचल में भारी बारिश और नवांगांव बांध के लबालब होने के चलते ओवर फ्लों से निकलें पानी से बांध के नीचें बसें नवांगांव कं वर में सुबह से बाढ़ आ गई । घरों मकानों, शासकीय कार्यालयों स्कूलों सहित लोगों के घरों में पानी घुसनें से गांव में अफरातफरी मच गई । सुबह से ग्रामीण सामान बचानें जददौंजहद करने लगें । सुबह से लगातार बढ़तें पानी की धार के बाद इसकी जानकारी आनन फानन में प्रशासन को दी गई । गांव में बाढ़ से दो दर्जन से अधिक कच्चें मकानों को भारी नुकसान पहुँचा था। ग्रामीणों ने बताया कि आधा दर्जन कच्चें मकान इस दौरान बाढ़ के चलते गिर गए। सुबह से आई बाढ़ का मंजर ग्रामीणों ने 15 साल बाद देखा । से आधी रात से हो रही थी बारिश, गांव में घुसा चार फीट पानी

नवांगांव बांध लगातार बारिश से लबालब चल रहा है ।

कुछ दिनों से यहाँ से लगातार पानी भी छोड़ा जा रहा था । रविवार रात जंगल में भारी बारिश के बाद सोमवार सुबह 3 बजें नवांगांव बांध का पानी ओवरफ्लों होनें लगा । बांध से पानी निकालनें बनाए गए उलट से बांध का पानी गांव में घुसनें लगा । सुबह से गांव में पानी घुसने के बाद इसकी रप्तार लगातार बढ़ती गई । सुबह छह बजें इसकी सूचना एसडीएम लवकेश ध्रुव को दी गई । उन्होनें आनन फानन में राजस्व अमलें, स्वास्थ्य विभाग सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को मौके पर भेजा । सुबह से गांव में घुसें पानी से खेत मकान दुकान, घर सहित पंचायत भवन, स्कूलें पानी पानी हो गई । बताया गया कि सुबह गांव में चार फीट से अधिक पानी भर गया इस दौरान गांव के 15 से अधिक कच्चे मकानों को भारी नुकसान पहुँचा है । छह मकान बहाव के चलते जमीदोंज हो गए।

15 साल बाद ऐसा मंजर

ग्रामीणों ने बताया कि बांध नवांगांव से उलट में आए पानी से गांव में बाढ़ की स्थिति 15 साल बाद बनी । इससे पहले 2005 में ऐसा मंजर आया था जब पूरा गांव पानी पानी हो गया था। सोमवार को सुबह आए बाढ़ का पानी लोगों के घरों, दुकानों मकानों के साथ पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, स्कूलों में पहुँच गया । इन शासकीय कार्यालयों में बाढ़ के पानी से कई दस्तावेज सामानों के खराब होनें की जानकारी है। दोपहर बाद बाढ़ का पानी उतरा तब जाकर ग्रामीणों के साथ प्रशासन में भी राहत की सांस ली ।

नवांगांव के साथ चिचका और कूरूभाठ भी प्रभावित

बांध नवांगांव में बांध का पानी घुसनें से नवांगांव के साथ साथ सटें ग्राम चिचका में भी काफी नुकसान हुआ है । चिचका में भी गांव में बाढ़ का पानी पहुँच गया । इस दौरान पंचायत भवन सहित स्कूलों में पानी भर गया । स्थिति ऐसी रही कि लोगों को सामान निकालनें का मौका भी नहीं मिला । चिचका पंचायत कार्यालय में बाढ़ के पानी से पंचायत में रखें दस्तोवज सामानों को नुकसान पहुँचा है । स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के लिए रखें राशन चांवल की बोरियाँ भी पानी में डूब गई । कूरूभाठ में भी बाढ़ का पानी पहुँचनें से नुकसान की खबर है । यहाँ भी कई जगहों पर बाढ़ से परेशानी बढ़ गई ।

गांव पहुँची प्रशासनिक टीम ने किया मुआयना

नवांगांव बांध पहुँची प्रशासनिक टीम ने गांव में बाढ़ से हूए नुकसान सहित अन्य स्थिति देखी । इस दौरान बिमारियों से बचने स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाई वितरण किया गया । राजस्व टीम में आए तहसीलदार सहित पटवारियों ने क्षतिग्रस्त मकानों, दुकानों और गिरें मकानों का मुआयना किया है । प्रशासन ने इस दौरान ग्रामीणों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है ।

40 एकड़ की फसल प्रभावित

नवांगांव बांध से आए पानी से नवांगांव इलाकें में ही 40 एकड़ से अधिक में लगाई गई फसल पूरी तरह प्रभावित हुई है ग्रामीणों ने बताया कि नवांगांव बांध के उलट में ही ग्रामीणों की 25 से 30 एकड़ जमीन पर फसल लगाई गई थी। उलट का पानी उस इलाकें में सबसे पहले भरता है ऐसे में इस इलाके की पूरी फसल चौपट होने की आशंका है । इसके अलावा नदी किनारें लगाई गई किसानों की बाड़ियों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचा है ।

मुस्का बौराई, आमनरे में रही शांति

नवांगांव बांध से निकलें पानी में नवांगांव और चिचका में रौद्र रूप दिखाने के बाद शहर को भी निशाना बनाया । मुस्का नदी में आए. बाढ़ के पानी से मुस्का का जलस्तर सोमवार को सुबह बढ़नें लगा । दस बर्जे तक मुस्का नदी पूरे उफान पर पहुँच गई । इस दौरान इस नदी में गणेश विसर्जन करने वालों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। जलसंसाधन विभाग ने इस दौरान प्रधानपाठ बैराज के गेट खोलें जाने की जानकारी भी दी । जिसके बाद शहर में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा । हालंकि आमनेर नदी की धार कम होने के चलते मुस्का पूरे शबाब पर रही । और शहर में बाढ़ की आशंका कम हो गई ।

बाढ़ के पानी से नवांगांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। प्रशासनिक टीम भेजकर वहाँ प्रारंभिक व्यवस्था सहित मुआयना और सर्वे कार्य कर लिया गया है। लोगों के लिए राशन दवाई रूकने सहित अन्य व्यवस्था बनाई गई है । मुआवजा सहित उचित कार्यवाही की जा रही है ।

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